आज अमावस्या, करे लाल धागे का ये उपाए | घर में आएगी सुख शांति और मिटेगा क्लेश

आज अमावस्या, करे लाल धागे का ये उपाए | घर में आएगी सुख शांति और मिटेगा क्लेश

अमावस्या तिथि बहुत मायने रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष का यह अंतिम दिन होता है। अमावस्या की रात्रि को चंद्रमा घटते-घटते बिल्कुल लुप्त हो जाता है। सूर्य ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाएं केवल अमावस्या तिथि को ही घट सकती हैं।

सावन के महीने में पड़ने वाली अमावस्या का अपना अलग ही महत्व है. इसे हरियाली अमावस्याके नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार सावन में प्रकृति पर आई बहार की खुशी में मनाया जाता है.

आज दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर भगवान शिव जी का विधि विधान से पूजन कर उनको भोग लगाकर अपने सुखी जीवन की कामना करें।

कुल मिलाकर अमावस्य तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है लेकिन धार्मिक रूप से तो अमावस्या और भी खास होती है। स्नान दान के लिये तो यह बहुत ही सौभाग्यशाली तिथि मानी जाती है विशेषकर पितरों की आत्मा की शांति के लिये हवन-पूजा, श्राद्ध, तर्पण आदि करने के लिये तो अमावस्या श्रेष्ठ तिथि होती है। आइये जानते हैं सावन अमावस्या व इसके महत्व के बारे में।
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