क्यों मानी जाती हैं महिलाएं उन दिनों में अपवित्र...?

शास्त्रों के इस कारण से मानी जाती हैं महिलाएं उन दिनों में अपवित्र !!

सभी महिलाओं को हर माह मासिक धर्म होता है जब डॉक्टर इसे एक सामान्य प्रक्रिया मानते हैं वही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे स्त्री की कमजोरी माना जाता है कई बार हर महिला के मन में यह प्रश्न उठता है। कि आखिर महिलाओं को ही क्यों मासिक धर्म की पीड़ा होती है।

इसके पीछे क्या कारण है मासिक धर्म क्यों होता है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके पीछे का कारण इंद्र द्वारा दिए गए श्राप को माना जाता है इंद्र ने स्त्रियों को यह श्राप दिया था या वरदान दिया था कि वह पुरुषों की अपेक्षा कामयानी शारीरिक संबंध का आनंद दोगुना ले पाएगी वह इसके लिए स्त्रियों को हर माह मासिक धर्म की पीड़ा भी झेलनी पड़ेगी इंद्र द्वारा दिया गया यह वरदान स्त्रियों के लिए श्राप बनकर रह गया तभी से स्त्री मासिक धर्म के रूप में ब्रह्महत्या का पाप उठा रही है।

धर्म शास्त्रों के अनुसार स्त्रियों का मासिक धर्म के दिनों में मंदिर जाना है किसी धार्मिक कार्य में भाग लेना पूर्णतया वर्जित है। सनातन धर्म के अनुसार इन दिनों में स्त्रियों के शरीर से गंदगी बाहर निकलती है। जिससे उन्हें पवित्र माना गया है और उनको दूसरे लोगों से अलग रहने का नियम बनाया गया है प्राचीन काल में महिलाओं को मासिक धर्म के समय कोप भवन में रहना पड़ता था और उस समय महिलाएं बाहर आना-जाना नहीं करती थी।
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