बूब्स से जुड़े रोचक तथ्य जो हर लड़की के लिए जानना है जरूरी

स्मोकिंग का पड़ता है असर
अगर आप स्मोकिंग करती हैं तो छोड़ दें... इसलिए नहीं की महिलाओं को स्मोकिंग नहीं करनी चाहिए।
बल्कि इसलिए कि स्मोकिंग का दुष्प्रभाव सबसे पहले बूब्स पर ही पड़ता है। आपको ये जानकारी होनी चाहिए कि जो महिलाएं स्मोकिंग करती हैं, उनके ब्रेस्ट नॉन स्मोकर महिलाओं की तुलना में जल्दी और ज्यादा ढीले पड़ते हैं।

उम्र के साथ बूब्स की बढ़ती है चर्बी
बूब्स का अपना भी भार होता है। बूब्स के औसत वजन की बात करें तो ये 0.5 किलोग्राम के माने जाते हैं। पूरे शरीर के फैट का 4 से 5 पर्सेंट हिस्सा बूब्स पर होता है लेकिन ये पूरे शरीर के वेट में केवल 1 पर्सेंट हिस्से की भागीदारी करते हैं।

दोनों बूब्स बराबर नहीं
लड़कियों के मन में ये ख्याल आता है कि उनके दोनों बूब्स बराबर नहीं है। कई लड़िकयां तो इसे किसी तरह की समस्या या रोग भी मान लेती हैं। जबकि ये बिल्कुल सामान्य बात है। दोनों बूब्स कभी सामान्य आकार के नहीं होते। बाएं तरफ के बूब्स का आकार दाएं बूब्स से हमेशा बड़ा होता है। यहां तक की निपल की साइज़ और डायरेक्शन भी डिफ़रेंट होते हैं।

ब्रा पहनने की जरूरत है या नहीं
ब्रेस्ट और ब्रा को लेकर महिलाओं में हमेशा ही कंफ्यूजन बना रहता है। महिलाओं में सबसे बड़ा भ्रम है कि बूब्स छोटे होने पर ब्रा नहीं पहनना चाहिए और इससे बूब्स पर कोई असर भी नहीं पड़ता। या फिर ब्रा नहीं पहनने से बूब्स ढीले हो जाते हैं। जबकि ऐसा नहीं है। बूब्स में ढीलापन एक उम्र के बाद ही आता है और ब्रा केवल उन्हें एक लूक देते हैं और हिलने से रोकते हैं। छोटे बूब्स वाली महिलाओं को भी ब्रा पहनने की जरूरत पड़ती है जिससे वे हिलते नहीं हैं और दिखने में अच्छे लगते हैं।

किशोरास्था के बाद ब्रेस्ट नहीं बढ़ते
ये बात गलत है कि किशोरास्था के बाद ब्रेस्ट में ग्रोथ नहीं होती, क्योंकि हार्मोनल परिवर्तन, गर्भावस्था के समय या वजन के बढ़ने से हमारे शरीर में लगातार परिवर्तित होते रहते है। जिसका असर हमारे ब्रेस्ट पर देखने को मिलता है। इसके कारण किशोरावस्था के बाद भी स्तनों में निश्चित रूप से कुछ न कुछ बदलाव देखने को अवश्य मिलते है।
***