अगर आप आम खाते हैं तो ये जरुर पढ़ें

आम का फल गर्मी के मौसम में सबका पसंदिता फल है। आम को फलों को रजा भी कहा जाता है। लगभग सभी लोग रसीले और मीठे फल का स्वाद लेना चाहते है। लेकिन फल को जल्दी बड़ा करने में कुछ ऐसे खतरनाक रसायन डाले जा रहे है जिससे इंसान बीमार हो सकता है।

बाजार में जो अधिक पीले और रस से भरे है उनमे आर्सेनिक और फॉस्फोरस हो सकता है। जो की शरीर में कैंसर की बीमारी हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है की इस समय बाजार में आम बिकने आये है वो डाल से गिरे हुए कच्चे आम है जो पाल में रख कर पकाये जाते है।

आपको जानकर हैरानी होगी की आम को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल करके पकाये जाते है। हमारे भारत में भारतीय दंड संहिता की धारा 44ए के अनुसार के रसायन प्रतिबंधित है।

आम को कैल्शियम कार्बाइड से पकाने से आर्सेनिक और फॉस्फोरस बनता है। जो की किडनी, हार्ट और लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। कैल्शियम कार्बाइड मस्तिष्क और फेफड़ो के लिए हानिकारक है।

ऐसे आम का इस्तेमाल करने से पेट में इंफेक्शन भी हो सकता है। और कोई गंभीर बीमारी भी हो सकती है जो की कैंसर का रूप ले सकती है।

आमों की प्रजाति को मेंगीफेरा कहा जाता है। इस फल की प्रजाति पहले केवल भारतीय उपमहाद्वीप में मिलती थी, इसके बाद धीरे धीरे अन्य देशों में फैलने लगी। इसका सबसे अधिक उत्पादन भारत में होता है। यह भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस में राष्ट्रीय फल माना जाता है और बांग्लादेश में इसके पेड़ को राष्ट्रीय पेड़ का दर्जा प्राप्त है।
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