ये पत्तियाँ बुढ़ापे तक बालों को काला रखे, एक्ज़िमा, आँखो के रोग, और पौरुष शक्ति के साथ-साथ इसके फ़ायदे जान दंग रह जायेंगे!!

यूँ तो भारत में हर घर की रसोई घर में काम आने वाले मसाले सब्जी ड्राई फ्रूट फल का अपना विशेष महत्व है जो की खाने के स्वाद के साथ साथ हमारी स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखते हैं आज उसी श्रृंखला में हम करी पत्ता के बारे में बात करेंगे ! कढीपत्ते यह हमारी सेहत को भी दुरूस्त रखने में मददगार है। इसे ‘मीठी नीम’ भी कहा जाता है। इसके पत्तों में कई सारे औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। करी पत्ते बालों को काला करने में मददगार साबित होते हैं। इनका नियमित उपयोग करने से आपके बालों में जान आ जाएगी और वह काले होने लगेंगे।

मीठा नीम मुख्यत हिमालयी क्षेत्र को छोड़कर सम्पूर्ण भारत में पाया जाता हैं। ये एक सदाबहार झाड़ीदार पेड़ हैं, और इसीलिए सदाबहार वनो में बहुतायत पाया जाता हैं। इसको कड़ी में स्वस्थ्य बढ़ाने के लिए डाला जाता हैं, जिस कारण इसको कढीपत्ता भी कहा जाता हैं। ये छोटे गमलो में घर पर भी लगाया जा सकता हैं। एक परिवार की ज़रूरत के अनुसार इसको घर पर लगा लेना चाहिए।

कढीपत्ते में वो सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों को स्वस्थ रखते हैं। इन पत्तों को पीस कर लेप बना लें। फिर इसे सीधे बालों की जड़ों में लगाएं। आप करी पत्तों को खा भी सकते हैं, इससे आपके बाल काले, लंबे और घने हो जाएंगें। साथ ही,बालों की जड़ें भी मज़बूत होंगी। करी पत्ता में विटामिन बी1, बी3, बी9, और सी होता है। इसके अलावा इसमें आयरन, कैल्शियम और फॉस्फोरस पाया जाता है। इसके रोज़ाना सेवन से आपके बाल काले लंबे और घने होने लगेंगे। यही नहीं डैंड्रफ की समस्या भी नहीं होगी।

आइये जाने कढीपत्ते के चमत्कारिक फायदे
  1.     रक्तचाप नियंत्रित रखने हेतु : उच्च रक्तचाप वाला व्यक्ति हर रोज़ 7-8 पत्ते हर रोज़ सुबह चबा चबा कर खाए तो उसका रक्तचाप नियंत्रित रहता हैं।
  2.     पेचिश-आंव में : अगर आपको दस्त की समस्या हो गयी हैं तो कड़ी पत्ते की कुछ मात्रा जल में हलके से उबालकर उस जल को पीने से तुरंत लाभ होता हैं।
  3.     नेत्र रोगो में : नेत्रों की ज्योति बढ़ाने हेतु अथवा रतौंधी की समस्या होने पर मीठा नीम की पत्तियों का चूर्ण 2 ग्राम मात्रा नित्य जल से ग्रहण करने से परम लाभ होता हैं। इस हेतु इन पत्तियों को छाया में सुखाकर फिर पीसा जाता हैं। ये चूर्ण जल्दी खराब नहीं होता और काफी समय तक सुरक्षित रहता हैं।
  4.     मर्दाना ताकत बढ़ाने हेतु : कड़ी पत्ता के पौधे की छाल का चूर्ण 1 ग्राम अथवा इसकी जड़ का चूर्ण 1 ग्राम, दूध में प्रयाप्त औटाकर मिश्री मिला कर पीने से यौन उत्तेजना में वृद्धि होती हैं, साथ ही शरीर भी पुष्ट होता हैं।
  5.     एक्जिमा और घावों में : कड़ी पत्ता के बीज का तेल उत्तम कीटनाशक होता हैं, अत: एक्जिमा ठीक करने में अथवा घावों को सुखाने में यह अत्यंत लाभदायक रहता हैं। इस हेतु इसको लुग्धी बना कर घावों पर लगाया जाता हैं।
  6.     घने बालों के लिए : करी पत्तों को सूखा लें। सूखने के बाद पत्तों का पाउडर बना लें। अब 200 एम एल नारियल के तेल में या फिर जैतून के तेल में लगभग 4 से 5 चम्मच करी पत्तों का पाउडर मिक्स कर के उबाल लें। अच्छे से उबलने के बाद तेल को ठंडा होने के लिए रख दें। फिर तेल को छानकर किसी एयर टाइट बोतल में भर कर रख लें। सोने से पहले रोज रात को यह तेल लगाएं। यदि इस तेल को गुनगुना कर लगाया जाए तो जल्दी असर दिखेगा। अगली सुबह बालों को नेचुरल शैंपू से धो लें।बहुत लाभ मिलेगा।
  7.     सफ़ेद बालों को काला बनाएँ : करी पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें।इसमें थोड़ा दही मिलाएं और अपने बालों पर लगाएं। अब मिश्रण को बालों में 20-25मिनट के लिए छोड़ दें, फिर शैंपू से बालों को धो दें। ऐसा नियमित रूप से करने पर बाल काले और घने हो होने लगेंगे।
  8.     रूसी और झड़ते बालों के लिए : थोड़े से करी पत्ते लें और दूध के साथ घोटकर उसका लेप तैयार कर लें फिर इस लेप को सिर के बीचों बीच यनि स्कैल्प पर से लगाना शूरू कर दें। अब इसे 20 मिनट तक सूखने दें। फिर साधे पानी से सिर धो लें। एैसा कुछ हप्तों तक करने से बाल वापस उगने लगेगें और रूसी भी खत्म हो जाएगी। source : aboutayurved
***