जानिए कैसे पहचान करे चीन से आने वाले नकली चावल की, बना होता है प्लास्टिक से

मुट्ठी भर रुपयों के लालच में मिलावटखोर खेलते है आपकी जिंदगी से

दिल्ली हाईकोर्ट की याचिका से दिल्ली हाईकोर्ट में चीन के नकली चावलों की बात रखी है। दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका सुग्रीव दुबे ने दी है। उन्होंने कहा है कि वह सरकार को दुकानों से चावलों के नमूने लेने आ आदेश जारी करें। अब इस मामले की सुनवाई 20 जुलाई को रखी गई है।

यह चावल देखने में आपको बिल्कुल असली लगेगा, लेकिन ये प्लास्टिक से बना हुआ होता है। अगर इन प्लास्टिक चावलों को असली चावल के साथ मिला दिया जाये तो आप इसकी पहचान मुश्किल से ही कर पाते है।

आइयें जानते है कैसे बनाया जाता है ये नकली चावल
हालाँकि, अभी इसकी पुख्ता रिपोर्ट नहीं आने के कारण इसकी पूरी जानकारी तो नहीं हो पाई है, लेकिन एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह चावल शक्करकंद, आलू और प्लास्टिक की कुछ वस्तुओं से बनाया जाता है। इन चावलों को कैसे बनाया जाता है इसे देखने के लिए आप यू ट्यूब पर कुछ वीडियोज है जिनमें देखा जा सकता है कि प्लास्टिक के नकली चावल कैसे बनाया जाता है। लेकिन इन वीडियोज में कितनी सच्चाई है कह नहीं सकते।

आइयें जानते है नकली चावलों को कैसे पहचाने

    नकली चावल सामान्य चावलों से ज्यादा चमकीले होते है।
    अगर दो प्रकार के चावलों का आपस में मिश्रण नहीं किया गया है तो सभी चावलों की साइज़ एक जैसी होगी।
    नकली चावलों का वजन असली चावलों के मुकाबले में हल्का होता है।
    नकली चावलों में धान की भूसी नहीं मिली हुई होती है, जबकि असली चावलों में ये मिल ही जाती है।
    नकली चावल को काफी देर पकाने पर भी यह अच्छे से नहीं पक पाता है।
    नकली चावलों को भिगोने के बाद उसका जो पानी बचता है उस पानी में एक सफ़ेद रंग की परत जैम जाती है। अगर इस पानी को धुप में रख दिया जाये तो यह परत प्लास्टिक में बदल जाती है।
    इस चावल की सबसे बड़ी खासियत यह है की यह चावल प्लास्टिक का होने के बावजूद भी यह चावल तैरता नहीं है क्योंकि इसमें कुछ आलू और शक्करकंद की भी मिलावट होती है।

हमारे देश में शुद्ध क्रांति लाने के लिए इसे शेयर करना न भूले। एक भारतीय होने का फर्ज़ पूरा करे।
***