दर्द और सूजन को कम करने में ये 5 प्रयोग ऐसे हैं जिनका कोई तोड़ नही

शरीर के किसी भी हिस्से में माँसपेशियों और जोड़ों का दर्द आपको जैसे जाम ही कर देता है । लगातार बना रहने वाला दर्द हो तो यह जीवन को भी प्रभावित करने लगता है । दर्द और सूजन की कहानी ज्यादा लम्बे समय तक खिंच जाये तो यह दिमागी रूप से तनाव और डिप्रेशन को भी पैदा करने लगता है । वैसे भी शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो तो आप सबसे खुशी के पलों को भी खुल कर एंजॉय नही कर सकते है । प्रकाशित आयुर्वेद क्लीनिक, मेरठ में इस ब्लॉग के माध्यम से हमारा प्रयास रहता है कि आप तक नयी और तर्कसंगत सटीक जानकारी पहुँचायें । इस कड़ी में हम आपके लिये पाँच ऐसे प्रयोग लिख रहे हैं जो हमने अपने क्लीनिक पर आयुर्वेदिक चिकित्सा ले रहे रोगियों को चिकित्सा औषधियोंके साथ आजमाने के लिये आग्रह किया और इन प्रोयोगों के साथ चिकित्सा में दी जा रही औषधियों का प्रभाव काफी बढ़ गया । इन प्रयोगों को आपके लिये हम इस लेख में प्रकाशित कर रहे हैं ।

1 :- दर्द और सूजन के लिये ब्रोमेलिन एंजाईम :-
बहुत ही स्वादिष्ट फल अनानास में बहुत से एनजाइम पाये जाते हैं जो पाचन के दौरान अपने अवयवों में टूट जाते हैं । किंतु ब्रोमेलिन नामक एनजाइम पाचन में टूटता नही है और साबुत ही हमारे शरीर में अवशोषित होता है । कुछ आधुनिक रिसर्च बताती हैं कि यह एनजाइम ब्रोमेलिन शरीर में अवशोषित होने के बाद दर्द और सूजन को बहुत प्रभावी रूप से कम करता है । दर्द वाले रोगियों को यह लाभ दिलवाने के लिये हमने रोज सुबह खाली पेट अनानास का जूस 150 मिलीलीटर जूस कुछ रोगियों को सेवन करने को कहा । ऐसे रोगियों ने अपने दर्द में काफी आराम बताया और सूजन भी स्पष्ट रूप से कम हुई हैं । इसके अतिरिक्त एक अन्य लाभ यह भी मिला कि, कुछ रोगियों ने यह भी बताया कि उनका मूड़ पहलेसे बेहतर हुआ है और एकाग्रता का स्तर भी बढ़ा है । इस बारे में हम और भी कुछ जानकारी जो प्राप्त होगी भविष्य में आपके साथ जरूर साझा करेंगे ।
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2 :- दर्द और सूजन के लिये हल्दी :-
आयुर्वेदिक औषधियों में प्रारम्भ से ही हल्दी को एक बहुत प्रभावी दर्द निवारक के तौर पर सफलता पूर्वक प्रयोग किया जाता रहा है । कुछ रिसर्च तो यह भी मानते हैं कि दर्द और सूजन के लिये हल्दी का प्रयोग इतना लाभकारी है कि यदि लगातार सेवन किया जाये तो यह पुराने दर्द को भी बहुत हद तक ठीक कर ही देता है । दर्द और सूजन के लिये हल्दी को चूर्ण बनाकर सेवन किया जाता है । इस चूर्ण को कच्चा ही अथवा थोड़ा भूनकर भी सेवन किया जा सकता है । हल्दी का चूर्ण रोज एक बार सुबह को अथवा दिन में दो बार सुबह और रात को सोते समय सेवन किया जाना चाहिये । हमने दर्द और सूजन के अपने कुछ रोगियों को रोज सुबह और रात को सोते समय 3 ग्राम हल्दी चूर्ण का सेवन गरम पानी के साथ करने का निर्देश किया । दर्द में अधिकतर रोगियों ने आराम बताया और सूजन में भी उल्लेखनीय रूप से कमी आयी । कुछ रोगी जिनको सूजन की समस्या जयादा पुरानी नही थी उनको तो सूजन पूरी तरह से समाप्त हो गयी ।
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3 :- दर्द और सूजन के लिये अदरक और लहसुन की चटनी :-
अदरक और लहसुन को समान मात्रा में लेकर उसमे गन्ने के रस से बने सिरके की कुछ छींटे दिलवाकर चटनी तैयार की जाती है । यह चटनी खाना खाने के साथ 5-10 ग्राम की कुल मात्रा में चपाती के टुकड़ों के साथ लगा लगा कर खाने की सलाह दर्द और सूजन के कुछ रोगियों को दी गयी । इस चटनी के सेवन से एक अतिरिक्त लाभ तो यह हुआ कि लगभग सभी नें अपना पाचन बेहतर होने की बात बताई । इसके अलावा दर्द की शिकायत भी कम बताई गयी । सूजन आदि में इस चटनी का विशेष लाभ देखने में नही आया । तो हम इस मत पर पहुँचते हैं कि दर्द के रोगियों को इस चटनी के सेवन से लाभ होता है । अतः यदि दर्द और सूजन वाले रोगी अपनी आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ इस चटनी का सेवन करें तो उनको लाभ होगा ।
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4 :- दर्द और सूजन के लिये हरसिँगार के पत्तों का काढ़ा :-
हरसिँगार एक वृक्ष होता है जो आपको अपने आस पास लगा हुआ जरूर मिल जायेगा । इस वृक्ष को पहचानने के लिये आप गूगल पर इसकी फोटों सर्च कर सकते हैं । इसके 7-10 हरे पत्ते लेकर 300 मिलीलीटर ताजे पानी के साथ पकने के लिये आग पर रख दो । जब पकते पकते पानी आधा रह जाये तो इसको उतारकर छान लें । हरसिँगार के पत्तों का काढ़ा तैयार है । दर्द और सूजन के रोगियों को इस काढ़े को ताजा ही रोज दो बार सेवन करना चाहिये । इस काढ़े का सेवन करने वाले रोगियों ने बताया कि उनको दर्द में तो काफी आराम है किंतु सूजन के रोगियों में इसके कुछ भी परिणाम नही देखने को मिले ।
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5 :- दर्द और सूजन के लिये एलोवेरा के गूदे से मालिश :-
इसी क्रम में अपने कुछ रोगियों को हमने दर्द और सूजन वाले स्थान पर एलोवेरा के गूदे से मालिश करने के लिये बोला और मालिश करने के बाद हल्की सी सिंकाई करने का निर्देश करा । चूंकि इस प्रयोग के बारे में हमने बहुत जगह पढ़ा था अतः इसको आजमाना चाहते थे । इस प्रयोग के बारे में यह तथ्य हमें गलत प्रतीत हुआ, क्योकि ना तो दर्द में और ना ही सूजन में रोगियों ने कुछ विशेष लाभ बताया ।.
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