महिलाओं के लिए अमृत है अशोक है पेड़, जानिए 5 बड़े फायदे

शोक का मतलब दुख है। अशोक का मतलब है दुख या दर्द से राहत देने वाला। अशोक एक ऐसा वृक्ष है जिसके कई गुण हैं। इसका वैज्ञानिक नाम सरका असोच (Saraca asoca) है। यह पेड़ भारतीय उपमहाद्वीप खासकर दक्षिण भारत, मध्य और पूर्वी हिमालय के करीब पाया जाता है। अशोक वृक्ष को नेपाल, भारत और श्रीलंका में पवित्र माना जाता है।

इस वृक्ष के साथ बौद्धों और हिंदुओं की मजबूत धार्मिक आस्था जुड़ी है। ऐसा कहा जाता है कि गौतम बुद्ध का जन्म अशोक वृक्ष के नीचे हुआ था। आयुर्वेद में हेमपुष्प या ताम्र पल्लव कहा जाने वाला अशोक का पेड़, सेहत की समस्याओं का समाधान करने में मददगार है। इसके पत्ते, छाल, फूल, बीज और यहां तक कि जड़ें भी दवा के रूप में प्रयोग की जाती हैं।

जानिए इसके यह 5 फायदे >>

1- महिलाओं के कुछ रोगों में यह विशेष रूप से लाभकारी है। माहवारी के समय होने वाला कष्ट हो या श्वेत प्रदर की समस्या, दोनों में ही यह लाभकारी है। इसकी छाल को पीसकर, बराबर मात्रा में मिश्री के साथ दिन में 3 बार लें।
2- अशोक की छाल को पानी में उबालकर गाढ़ा काढ़ा तैयार इसे सरसों के तेल के साथ मिलाकर फोड़े-फुंसियों पर लगाने से काफी फायदा होता है और त्वचा साफ होती है।
3- पथरी यानि स्टोन की समस्या होने पर अशोक के बीज लाभकारी हैं। अशोक के बीजों की 2 ग्राम मात्रा लेकर पानी के साथ पीस लें और दो चम्मच रोजाना पिएं। इससे पथरी के दर्द से राहत मिलेगी।
4- पेशाब संबंधी समस्याओं में भी अशोक के बीजों को पानी में पीसकर नियमित 2 चम्मच पीने से पेशाब में रूकावट एवं अन्य समस्याओं में लाभ होता है।
5- दो से तीन ग्राम की मात्रा में अशोक के फूल लेकर इन्हें दही में मिलाकर खाने से गर्भधारक करने में आ रही समस्याएं समाप्त हो जाती हैं और आसानी से गर्भधारण हो सकता है।
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