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माइग्रेन से लेकर कैंसर तक राजमा के 10 चौकाने वाले फायदे

राजमा टेस्ट के साथ साथ स्वास्थ के लिए भी अच्छा है l राजमा को किडनी बीन्स के नाम से भी जाना जाता है l राजमा को किडनी बीन्स के नाम से भी जाना जाता है l भारत में राजमा बहुत पसंद किया जाता है उसी तरह मैक्सिकन फूड में भी ये प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया जाता है l ये शरीर में ऑक्सीजन के सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है। राजमा में भरपूर मात्रा में आयरन होता है। आयरन शरीर का मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा बढ़ाने का मुख्य सोर्स होता है। राजमा के स्वास्थ अपर बहुत से फायदे होते हैं और कई बिमारियों में भी काम आता है

आइए जानते हैं किन बिमारियों के लिए फ़ायदेमंद हैं राजमा…

1. ताकत का एक बहुत अच्छा स्रोत :-
राजमा में उच्च मात्रा में आयरन मौजूद होता है, जिस वजह से ये ताकत देने का काम करता है. शरीर के मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा के लिए आयरन की जरूरत होती है, जो राजमा खाने से पूरी हो जाती है. साथ ही ये शरीर में ऑक्सीजन के सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है.

2. कैलोरी की सही मात्रा :-
राजमा में जिस मात्रा में कैलोरी मौजूद होती है वो हर आयु वर्ग के लिए सही होती है. आप चाहें तो इसे करी के अलावा सलाद और सूप के रूप में भी ले सकते हैं. ऐसे लोग जो अपने वजन को नियंत्रित करना चाहते हैं उनके लिए लंच में राजमा का सलाद और सूप लेना फायदेमंद रहेगा.

3. पाचन क्रिया में सहायक :-
राजमा में उच्च मात्रा में फाइबर होते हैं. जो पाचन क्रिया को सही बनाए रखते हैं. साथ ही ये ब्लड शुगर के स्तर को भी नियंत्रित रखने में मददगार होता है.

4. मस्त‍िष्क के लिए असरदार :-
राजमा खाने से दिमाग को बहुत फायदा होता है. इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन ‘के’ पाया जाता है. जोकि नर्वस सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है. साथ ही ये विटामिन ‘बी’ का भी अच्छा स्त्रोत है, जोकि मस्तिष्क की कोशिकाओं के लिए बहुत जरूरी है. ये दिमाग को पोषित करने का काम करता है.

5. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सही रखने में :-
राजमा में उच्च मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है. साथ ही ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करने का काम करता है. मैग्नीशि‍यम की मात्रा दिल से जुड़ी बीमारियों से लड़ने में भी सहायक होती है.

6. माइग्रेन की प्रॉब्लम खत्म करता है :-
इसमें मौजूद फोलेट की मात्रा दिमाग के काम करने की क्षमता को बढ़ाने के साथ ही उसे दुरुस्त भी रखती है। मैग्नीशियम की मात्रा माइग्रेन जैसी गंभीर समस्या में राहत दिलाती है। हफ्ते में एक बार इसका सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है |

7. कैंसर से बचाव :-
राजमा में मौजूद मैंगनीज़, एंटी-ऑक्सीडेंट का काम करता है। यह फ्री रैडिकल्स को डैमेज होने से रोकता है। इसके साथ इसमें मौजूद विटामिन के की मात्रा सेल्स को बाहरी नुकसानदायक चीजों से बचाती है जो कैंसर का मुख्य कारण होते हैं।

8. इम्यून सिस्टम मज़बूत बनाएं :-
राजमा में सिर्फ फाइबर और प्रोटीन ही नहीं होता बल्कि काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यून सिस्टम को बढ़ाते हैं और फ्री रेडिकल्स से इसे मुक्त रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि एंटीऑक्सीडेंट्स में एंटी-एजिंग तत्व भी पाए जाते हैं।

9. मधुमेह के लिए लाभदायक:-
बीन्स का ‘ग्लाइसेमिक इन्डेक्स’ कम होता है इसका अभिप्राय यह है कि जिस तरह से अन्य भोज्य पदार्थों से रक्त में शक्कर का स्तर बढ़ जाता है, बीन्स खाने के बाद ऐसा नहीं होता। बीन्स में मौजूद फाइबर रक्त में शक्कर का स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं। और बीन्स की इस ख़ासियत की वजह से मधुमेह के रोगियों को बीन्स खाने की सलाह देते हैं। ऐसे उदाहरण भी हैं कि बीन्स का ज़ूस शरीर में इन्सुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देता है। इस वजह से जिन्हें मधुमेह है या मधुमेह का खतरा है उनके लिये बीन्स खाना बहुत लाभदायक है।

10. वजन घटाने में सहायक :-
वजन घटाने के तमाम प्रयासों से हार मान चुके हैं, तो हरी सब्जी बीन्स का सहारा लें। बीन्स से बने उत्पादों का सेवन करके आप अपना मोटापा घटा सकते हैं। बीन्स का इस्तेमाल आप किसी भी तरह कर सकते हैं। वजन नियंत्रित करना-बीन्स में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता हैl मोटे या आवश्यकता से अधिक वजन वाले लोग जो कम कैलोरी, उच्च प्रोटीन, उच्च फाइबर युक्त आहार लेते हैं, उनका वजन उन लोगों की तुलना में कम होता है जो नियमित तौर पर नियंत्रित मात्रा में कैलोरी, उच्च कार्बोहाइड्रेट और कम फैट वाला आहार लेते हैं।पोषक तत्त्वों से भरपूर-फल तथा सब्जियों की तरह बीन्स भी पोषक तत्त्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ है इसका अर्थ यह है कि इसमें शरीर की प्रक्रिया के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्त्व उपस्थित होते हैं तथा साथ ही साथ इसमें कैलोरी भी कम होती है।
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