होमियोपैथी दवाओं के बारे में रोचक तथ्य, शेयर करें

आजकल होमियोपैथी दवाओं का चलन काफी ज़ोरो पर इसके दो मुख्या कारण हैं, एक तो इनका जड़ से रोग मिटाने का कमाल, दुसरा साइड इफेक्ट्स बहुत कम होने का खतरा, आज मेडिकल साइंस के चमत्कार के कारण लोग हर प्रकार की समस्याओं से लड़ने में सक्षम हैं.

इसी प्रकार होमियोपैथी का इस्तेमाल कई लोग कर रहे हैं, पहले कम ही लोग इन दवाओं का इस्तेमाल करते थे लेकिन आज इसको कई लोग इस्तेमाल करते हैं, वही कुछ लोग ऐसे हैं जो अभी भी इससे दूर हैं और एलोपैथी का ही इस्तेमाल कर रहे हैं, चाहे जो भी हो अगर आप भी होमियोपैथी दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो ज़रूरी हैं की आप इन बातो को जाने.

होमियोपैथी दवा लेने के पहले जाने इन बातो को: अगर आप भी जा रहे होमियोपैथी इलाज करने तो इन बातो को रखे अपने दिमाग में.

रोग क्षमता बढ़ती हैं: होमियोपैथी का मानना है कि दवाई से शरीर के रोग से लड़ने की क्षमता बढ़नी चाहिए ताकि सिर्फ दिख रहे लक्षण का ही समाधान ना निकले बल्कि हर परेशानी से जड़ से छुटकारा पाया जा सके, इसका जड़ से किसी भी समस्या का समाधान करने ही इसकी सफलता का मार्ग हैं.

पूरे शरीर पर होती हैं नज़र: ज़्यादातर होमियोपैथी विशेषज्ञओ का मन्ना हैं की वो शरीर के सिर्फ एक हिस्से पर केंद्रित नहीं होते हैं बल्कि वो पूरे शरीर को कंसीडर करते हैं, जिससे वो शरीर के सभी रोगों से लड़ने में शक्षम होते हैं.

करे देर से असर: यह बात सच नहीं की होमियोपैथी दवाओं का असर देर से होता हैं, जिसके कारण कई बार लोग बीच में ही दवाईयां छोड़ देते हैं इसके लिए ज़रूरी हैं की आप संयम से काम लें, और इसके पूरे कोर्स को कम्पलीट करे, हालांकि, एक्जिमा, आर्थराइटिस और अस्थमा जैसी बीमारियों में होमियोपैथी ने अच्छे परिणाम दिए हैं.

सिर्फ छोटी ही नहीं बड़ी बिमारियों में भी असरदार: लोगो का मन्ना हैं की होमियोपैथी सिर्फ छोटे रोगों से लड़ने में सक्षम हैं जबकि ऐसा कुछ भी नहीं यह बड़े रोगों से लड़ने में भी सक्षम हैं, बड़े रोग जैसे निमोनिया, टॉन्सिलाइटिस, हेपेटाइटिस, साइनोसाइटिस आदि का होमियोपैथी ने कारगर उपचार किया है.

एंटीबायोटिक से ज़्यादा कारगर: एंटीबायोटिक को खाने के कई नुक्सान यह तो हम सभी जानते हैं वही इसकी जगह पर होमियोपैथी का इस्तेमाल ज़्यादा कारगर होता हैं, शोध से पता चला है कि संक्रमण के इलाज के लिए होम्योपैथिक बहुत फायदेमंद हैं, एंटीबायोटिक माइक्रोब को उस समय के लिए दबा देता है पर होमियोपैथी शरीर की बिमारी से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है.

साइंस से जुड़ाव: कई लोग यह मानते हैं कि होमियोपैथी ‘फेथ हीलिंग’ करता है और इससे प्लासीबो इफ़ेक्ट आता है, जबकि ऐसा कुछ नहीं यह फेथ हीलिंग के साथ-साथ आपके रोगों को भी दूर करने में सक्षम हैं , हालांकि, सच्चाई यह है कि होमियोपैथी साइंस से जुड़ा है और यह काफी कारगर भी है.

नो साइड इफेक्ट्स: होमियोपैथी के कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं यह तो हम सभी आते हैं, क्योंकि इसकी दवाईया ज़्यादातर पेड़ पौधे, खनिज और प्राकृतिक चीज़ों से बनती हैं. जिनका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता हैं.

ध्यान रखे इनके निर्देशो का: होमियोपैथी के निर्देश अच्छे से डॉक्टर से जान लेना चाहिए जैसे दवाई कब खाएं, कितनी बार खाएं, दवाई के साथ किस तरह का खान पान होना चाहिए ताकि दवाई ज़्यादा असरदार हो. इससे आप पक्का मर्ज़ से छुटकारा मिलेगा.
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