इस दिन तोड़े गए तुलसी के पत्ते लाते हैं घर में बर्बादी!

तुलसी का पौधा “विज्ञानं और वास्तु” शास्त्र दोनों में बहुत मह्त्वपूर्ण स्थान रखता हैं तुलसी का पौधा पूरे भारत -वर्ष में पूजा जाता हैं तुलसी को औषधि के रूप में देश -विदेश में भी खूब इस्तमाल किया जाता हैं लेकिन यह गुणकारी पौधा एक औषधि के साथ -साथ ,एक समस्या निवारण पौधा भी हैं । हमारे घरो में तुलसी का पौधा बड़ा मह्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता हैं जैसे।

अगर हम तुलसी को घर के ब्रह्म स्थान(केंद्र ) पर लगाए तो इसके अंत्यत लाभ मिलेंगे और अगर हम तुलसी को किसी विशेष दिशा में लगाए के तो उसके भी अलग -अलग लाभ होंगे जैसे की घर को दोनों तरफ से ९ भागो में बात लीजिये इसके बाद जो स्थान आएगा वो माना जायगा का घर का ब्रह्म स्थान.अगर यहां पर तुलसी लगाए के तो घर के समस्त वास्तु –दोष कम हों जायगे लेकिन ध्यान रहे तुलसी की प्रति-दिन पूजा हों और सामने दीपक लगे।

दक्षिण -पूर्व में तुलसी लगाने के लाभ क्या हैं?
अगर आपके घर में विवाह योगये कन्या हैं और किसी कारण वर्ष कन्या के विवाह में विलंब हों रहा हैं तो २ माह तक दक्षिण -पूर्व में तुलसी लगा कर उसे पूजे ऐसा करने से विवाह से जुड़े सारे वास्तु दोष समाप्त हों जायगे ।

तुलसी के कितने पौधे और कितनी मात्रा में लगाना शुभ है ?
वास्तु में कहा गया हैं की तुलसी को हमेशा घर में ओड संख्या में ही घर में लगाए जैसे १,३,५, अगर आप इसे इवन संख्या में लगाए के तो इसका कोई लाभ नहीं होगा।

उत्तर -पूर्व में तुलसी को लगाने के लाभ ?
तुलसी को उत्तर -पूर्व दिशा में लगाने से घर के आर्थिक स्थिति में वृद्धि होती हैं क्योंकी वास्तु -शास्त्र में उत्तर -पूर्व दिशा को कुबेर के स्थान माना गया हैं। और कुबेर धन के देवता हैं! अगर आपके घर में किसी भी तरह की कोई पारवारिक समस्या हैं तो तुलसी को रसोई घर के पास लगाए।

तुलसी के पत्ते कब नहीं तोड़ने चाहिए ?
तुलसी को एकादशी में ,रविवार को और मंगलवार को नहीं तोडना चाहिए वास्तु शास्त्र के अनुसार इन ३ दिनों में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिये और ध्यान रहे तुलसी का पौधा आपके घर के पूजा स्थान की तरह हैं इसलिए इसे हमेशा साफ़ रखे ।
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