गर्भधारण के लिए रामबाण अचूक उपाय जो सदियों सेआयुर्वेद में अपनाया जा रहा है

नारियल का बीजगर्भ (embryo) मिश्री के साथ रजोनिवृति के अगले दिन से सुबह तीन दिन तक खाये. इससे गर्भधारण में सहायता होती है

जिस महिला को गर्भाधान ( Conception) ही नहीं होता है। वह चुटकी भर दालचीनी पावडर (Cinnamon Powder) एक चम्मच शहद (Honey) में मिलाकर अपने मसूढ़ों (Gums) में दिन में कई बार लगायें। थूंके नहीं। इससे यह लार में मिलकर शरीर में चला जाएगा। एक दम्पत्ति को 14 वर्ष से संतान नहीं हुई थी, महिला ने इस विधि से मसूढ़ों पर दालचीनी, शहद लगाया, वह कुछ ही महीनों में गर्भवती (Pregnant) हो गई और उसने पूर्ण विकसित दो सुन्दर जुड़वा बच्चों का जन्म (The Birth Of Twins) दिया।

यदि किसी महिला को माहवारी नियमित रूप से सही मात्रा में होता होता हो, परन्तु वह Pregnant नहीं नहीं हो पा रही हो तो उन स्त्रियों को मासिक-धर्म के दिनों में तुलसी के बीज (Seed Of Tulsi) चबाने से या पानी में पीसकर लेने अथवा काढ़ा बनाकर सेवन करने से गर्भधारण हो जाता है। यदि गर्भ स्थापित न हो तो इस प्रयोग को 1 वर्ष तक लगातार करें। इस प्रयोग से गर्भाशय निरोग, सबल बनकर गर्भधारण के योग्य बनता है।

कभी-कभी किसी स्त्री को प्रेग्नेंट नहीं हो पाती है और बांझपन की समस्या का सामना करना पड़ता है। किसी को गर्भ रुकने के बाद गर्भस्राव (Miscarriage) हो जाता है। तेजपात दोनों ही समस्याओं को खत्म करता है। तेजपात का पाउडर चौथाई चम्मच की मात्रा में तीन बार पानी से नियमित लेना चाहिए। कुछ महीने तेजपात की फंकी लेने से गर्भाशय की कमजोरी दूर होकर गर्भाधान संस्कार के योग्य हो जाता है जिन स्त्रियों को गर्भस्राव होता है, उन्हें प्रेग्नेंट होने के बाद कुछ महीने तेजपत्ते के पाउडर की फंकी लेनी चाहिए। इस तरह तेजपत्ते से गर्भ सम्बन्धी दोष नष्ट हो जाते हैं और स्त्री गर्भधारण के योग्य हो जाती है।

जो गर्भवती स्त्री पूरे 9 महीने तक नियमपूर्व रोजाना सुबह और शाम मक्खन मिश्री कालीमिर्च कच्चा नारियल और सौंफ का सेवन करती है। वह निश्चित ही बहुत ही गोरे और स्वस्थ संतान को जन्म देती है। भले ही उसका खुद का रंग गोरा ना हो।

लगभग 250 ग्राम पीपल के पेड़ की सूखी पिसी हुई जड़ों में 250 ग्राम बूरा मिलाकर पति व पत्त्नी दोनों, जिस दिन से पत्त्नी का पीरियड शुरू हो, 4-4 चम्मच गर्म दूध में रोजाना 11 दिन तक फंकी लें। जिस दिन यह मिश्रण समाप्त हो, उसी रात से 12 बजे के बाद रोजाना संभोग (से*स ) करने से बांझपन की स्थिति में भी गर्भधारण की संम्भावना बढ़ जाती है।
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