किसी तांत्रिक ने आप पर प्रयोग या जादू-टोना किया है तो उसे काटने या वापस करने के लिए करें ये उपाय!

पहले के लोग अपनी कार्य सिद्धि के लिए या अपने दुश्मनों से बदला लेने के लिए जादू-टोने का प्रयोग किया करते थे। आज के समय में यह बहुत कम या ना के बराबर देखने को मिलता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह पूरी तरह से खत्म हो गया है। आज के समय में लोग इसे अन्धविश्वास मानते हैं। लेकिन अभी भी कई ऐसे समुदाय हैं, जिनका तंत्र-मंत्र पर पूरा भरोसा है।



बीमारों को ठीक करने के लिए भी करते थे तांत्रिक प्रयोग:
वह लोग अपने किसी भी कार्य को सही करने के लिए या बीमारों का इलाज करने के लिए आज भी तंत्र-मन्त्र का सहारा लेते हैं। कई बार कुछ लोग एक दूसरे से जलन की वजह से उन पर जादू-टोना कर देते हैं। ऐसे में सामने वाला व्यक्ति इससे बहुत ज्यादा परेशान हो जाता है। इसका मेडिकल की दुनिया में कोई इलाज नहीं है, इस वजह से उसकी बिमारी का कारण नहीं पता चलता है। 

जो प्रयोग कभी बहुत गुप्त थे, आज वह मिलते हैं हर किताब में:
पहले समय में किसी भी तंत्र-मंत्र को सीखने के लिए किसी गुरु की आवश्यकता पड़ती थी, लेकिन आज के समय में कई ऐसी पुस्तकें मिलती हैं, जिनको पढ़कर बिना किसी की मदद के जादू-टोना, तंत्र-मंत्र सीखा जा सकता है। हालांकि इन तांत्रिक प्रयोगों को करते समय थोड़ी सावधानी रखने की जरूरत होती है। मारण प्रयोग जो कभी बहुत गुप्त रखा जाता था, आज वह किसी भी दुकान पर मिलने वाली किताब में आसानी से देखा जा सकता है।

तीन तांत्रिक वस्तुओं से वापस भेजा जा सकता है तांत्रिक प्रभाव:
यदि आप भी अपने जीवन में तांत्रिक प्रयोगों और जादू-टोने की वजह से परेशान हैं। आपको व्यवसाय में नुकसान हो रहा है तो इसका अत्यंत सरल उपाय है, तीन तांत्रिक वस्तुओं का संगम। अब आप सोच रहे होंगे कि ये तीन तांत्रिक वस्तुएं क्या हैं। ये तीन तांत्रिक वस्तुएं और कुछ नहीं बल्कि सियार सिंगी, बिल्ली की नाल एवं हत्था जोड़ी है। कहीं से इन तीनों वस्तुओं का इंतजाम करें।

अब इन तीनों वस्तुओं की प्राण प्रतिष्ठा करवाकर एक डिब्बी में सिंदूर भरकर अपने दुकान, पैसे रखने वाली जगह या तिजोरी में रख दें। घर में इसे पूजा वाले स्थल पर रखें। इसे रखने से ही तांत्रिक प्रयोगों का निवारण शुरू हो जाता है। जिस भी व्यक्ति ने आपके ऊपर तांत्रिक प्रयोग किया है, यह उसके ऊपर वापस चला जाता है। केवल वापस ही नहीं जाता यह उसे पीड़ित भी करता है।
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