घर में आने वाली हर मुसीबत का संकेत देती व सभी दोषों को दूर करती है तुलसी

लड़की की शादी में देरी हो रही हो तो तुलसी को अग्नि कोण में रखकर वो लड़की रोज उसमें जल अर्पण करें तो जल्द ही उसकी शादी हो जाएगी।

प्राचीन काल से ही यह परंपरा चली आ रही है कि घर में तुलसी का पौधा होना चाहिए। शास्त्रों में तुलसी को पूजनीय, पवित्र और देवी स्वरूप माना गया है, इस कारण घर में तुलसी हो तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। यदि ये बातें ध्यान रखी जाती हैं तो सभी देवी-देवताओं की विशेष कृपा हमारे घर पर बनी रहती है। घर में सकारात्मक और सुखद वातावरण बना रहता है, पैसों की कमी नहीं आती है और परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।

लेकिन इस पौधे से जुड़ी कुछ ऐसी मान्यताएं हैं जो बहुत ही कम लोग जानते हैं, इन बातों को ध्यान न देने पर अशुभ भी हो सकता है। यदि घर में लगा हुआ तुलसी का पौधा सूख जाता है या काला हो जाता है तो आपके साथ बहुत कुछ हो सकता। आइए जानते हैं तुलसी पौधे पर ध्यान देने योग्य बातें।

समृद्धि और धार्मिकता का प्रतीक मानी जाने वाली तुलसी कई गुणों से भरपूर होती है। हरिप्रिया नाम से भी जानी जाने वाली तुलसी की हिंदू धर्म में काफी ज्यादा मान्यता है और लगभग हर धार्मिक अनुष्ठान में इसकी उपयोगिता रहती ही है।

ऐसा माना जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां कभी भी सांप, बिच्छू, मच्छर और हानिकारक कीड़े नहीं होते हैं। इसी प्रकार अगर आपके घर में मुसीबत आनी वाली होती है तो तुलसी के पौधें में पहले असर हो जाता है।

क्या कभी आपने ध्यान दिया है कि जब आपके घर, परिवार या आप पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो उसका असर सबसे पहले आपके घर में स्थित तुलसी के पौधे पर होता है। आप तुलसी के पौधे का कितना भी ध्यान दे, लेकिन वह धीरे-धीरे सूखने लगता है।

तुलसी का पौधा ऐसा है जो आपको मुसीबतों के बारें में पहले से ही सतर्क कर देता है। इस बारें हमारें धर्म ग्रंथों में भी बताया गया है। पुराण, ज्योतिषों का अपनी-अपनी मत है इस बारें में। जानिए तुलसी का पौधा क्यों, कैसे देता है आनेे वाली मुसीबत का संकेत।

पुराणों और शास्त्रों में बताया गया है कि जिस घर पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो उस घर से सबसे पहले लक्ष्मी यानी कि तुलसी चली जाती है, क्योंकि दरिद्रता, अशांति या क्लेश जहां भी होता है वहां लक्ष्मी जी का निवास कभी नही होता।

तुलसी के बारें में हिंदू धर्म के शास्त्रों में बहुत कुछ बताया गया है। तुलसी को जन्म से मृत्यु तक काम आनें वाला पौधा माना जाता है। मामूली सा दिखने वाला यह तुलसी का पौधा हमारे घर के सभी दोष को दूर करता है। जिससे हम और हमारा परिवार को निरोग और सुखमय बनाता है।

ज्योतिष के अनुसार

इस बारे में ज्योतिष लोग मानतें है कि तुलसी का पौधा बुध के कारण सुखता है, क्योंकि बुध ग्रह हरे का प्रतीक होता है और पेड़-पौधें, हरियाली का प्रतीक होता है। यह एक ऐसा ग्रह होता है जो दूसरों ग्रहों के अच्छे और बुरे प्रभाव जातक तक पंहुचाता है।

अगर कोई ग्रह शुभ फल देता है तो उसके शुभ प्रभाव से तुलसी का पौधा सुखता नही है वो आराम से बढता रहता है। बुध के प्रभाव से ही तुलसी के पौधे में फूल लगने लगते हैं। घर में तुलसी के पौधे की होना किसी डॉक्टर के होने से कम नही है। साथ ही यह पौधा वास्तु के दोष भी दूर करने में भी सक्षम है।

हिंदू धर्म में माता के समान सुख प्रदान करने वाली तुलसी का वास्तु शास्त्र में भी विशेष स्थान है तुलसी का स्थान हमारे शास्त्रों में पूज्यनीय देवी के रूप में है तुलसी को मां शब्द को बोल कर हम रोज इनकी पूजा आराधना भी करते है इसके गुणों को आधुनिक रसायन शास्त्र भी मानता है इसकी हवा तथा स्पर्श एवम इसका भोग दीर्घ आयु तथा स्वास्थ्य विशेष रूप से वातावरण को शुद्ध करने में सक्षम होता है।

शास्त्र के अनुसार तुलसी के कई तरह के पौधे मिलते है जैसे कि श्रीकृष्ण तुलसी, लक्ष्मी तुलसी, राम तुलसी, भू तुलसी, नील तुलसी, श्वेत तुलसी, रक्त तुलसी, वन तुलसी, ज्ञान तुलसी है।

ये वास्तुशास्त्र के उपाय अपनाकर जीवन में लाएं खुशहाली

तुलसी को रसोई के पास भी रख सकते है। ऐसा करने से आपके घर की पारिवारिक कलह खत्म हो जाएगी।

अगर आपके घर में वास्तु दोष है तो इसे दूर करनें के लिए तुलसी के पौधे को अग्नि कोण यानि की दक्षिण-पूर्व से लेकर उत्तर-पश्चिम तक के किसी भी खाली जगह में लगा सकते है। अगर इन जगहों में खाली जगह न हो तो गमलें में इसे लगा लें।

तुलसी के पौधें को पूर्व दिशा की खिडकी के पास रखने से यदि आपको बेटा जिद्दी हो तो उसका जिद्द करना बंद हो जाएगा।

लड़की की शादी में देरी हो रही हो तो तुलसी को अग्नि कोण में रखकर वो लड़की रोज उसमें जल अर्पण करें तो जल्द ही उसकी शादी हो जाएगी।

अगर आपका बिजनेस न चल रहा हो तो तुलसी को दक्षिण-पश्चिम में रखें और हर शुक्रवार को सुबह कच्चा दूध अर्पण करे और मिठाई का भोग लगाकर किसी सुहागिन स्त्री को मीठी चीज दें।
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