अगर आप भी पीते हैं गन्‍ने का जूस तो एक बार जरूर पढ़ लें ये खबर

जैसा कि हम सब जानते हैं गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और इस मौसम में लोग अक्‍सर अपनी प्‍यास बुझाने के लिए जूस का प्रयोग करते हैं। अगर आप ये मानते है कि गर्मी में गन्ने का जूस बहुत फायदा करता है तो आपको बता दें कि आप एक बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं।बाजार में गन्‍ने के जूस में बर्फ डालकर दुकानदार धड़ल्‍ले से बेच रहे हैं जिसे लोग पीने से पिछे भी नहीं हट रहें।

क्‍योंकि उन्‍हें पता नहीं है कि ये जूस उनके लिए कितना नुकसानदेह हो सकता है इनकी ये थोड़ी सी असावधानी उन्‍हें कितना बिमार कर सकती है। हम ये नहीं कह रहे हैं कि आप गन्‍ने का जूस पीना ही बंद कर दें लेकिन उसे पीने से पहले कुछ महत्‍वपूर्ण जांच प्रकिया से जांच करके ही उसे पीये। जिस गन्ने से जूस बनाया जा रहा है वो दिखने के कैसा है, उसकी सफाई ठीक से हुई है या नहीं। कहीं गन्ने में दाग या फफूंदी तो नहीं लगी हुई है।
  1. गन्ने को बिना धोये मिटटी लगा हुआ ही जूस तो नहीं निकाला जा रहा है।
  2. गन्ने के जूस में कहीं धब्बेदार नींबू का रस तो नहीं मिलाया हुआ है।
  3. जूस में मिलाये जाने वाला पुदीना साफ सुथरा है या नहीं।
  4. जो व्यक्ति गन्ने का जूस बना रहा है। उसने अपने खुद के हाथ धोये है या नहीं। जिस मशीन से जूस निकाला जा रहा है।
अगर आप फफूंदी लगे हुए गन्ने का जूस पी रहे हैं तो आपको हेपेटाइटिस ए, डायरिया या फिर पेट संबंधी अन्य बीमारियाँ भी हो सकती है। अगर गन्ने में मिटटी लगी है तो उसका जूस पीने से पेट संबंधी बीमारियाँ हो सकती है। अगर कोई लाल सा रंग का गन्ने दिखाई दे तो उसका जूस को भूलकर भी न पीये। इस गन्‍ने को सड़ा हुआ गन्ना या रेड रॉट भी कहते है। ये एक प्रकार की फफूंदी है, जो गन्ने को अन्दर से लाल कर देती है। इससे गन्ने में मिठास कम हो जाती है। यह गन्ना सस्ते में मिलता है पर इसके जूस को पीने से शरीर को नुकसान होता है।
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