महिलायें रात को भूलकर भी न करें ये 6 काम

शास्त्रों के अनुसार हर कार्य को करने का एक नियत समय है। दिन में जहां सभी आवश्यक कार्य किए जा सकते हैं वहीं रात में कुछ कार्यों का करना स्पष्ट मना किया गया है, इनमें संभोग भी शामिल है। आइए जानते हैं कि रात को कौनसे 6 कार्य नहीं करने चाहिए जिन्हें करने से दुर्भाग्य आता है।

खुले बाल नहीं सोना चाहिए :- रात में लड़कियों को बालों को खुला रखकर नहीं सोना चाहिए। माना जाता है कि रात में खुले बाल सोने पर नकारात्मक शक्तियां आकर्षित होती हैं। इसीलिए रात को न केवल महिलाएं वरन चोटी रखने वाले पुरुष भी अपनी चोटी को बांध लेते हैं।

चौराहों पर नहीं जाएं :- चौराहा अर्थात जिस जगह चार सड़कें आपस में मिलती हो, वहां भी रात के समय नहीं जाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार वहां पर बहुत से टोने-टोटके तथा तांत्रिक अभिक्रियाएं की जाती हैं, जिसके प्रभावस्वरूप वहां पर नकारात्मक शक्तियों का स्थाई वास हो जाता है। रात में यह प्रभाव और भी बढ़ जाता है। इसीलिए देर रात को चौराहों पर जाना नकारात्मक ऊर्जा (यथा भूत-प्रेत आदि) को आमंत्रण देने जैसा होता है।

सेंट या इत्र लगाकर न सोएं :- कुछ लोग रात को सोते समय इत्र या सेंट लगाकर सोते हैं। शास्त्रों के अनुसार किसी भी तरह की तेज खुशबू परालौकिक शक्तियों को आकर्षित करती हैं। इसीलिए रात को सोने से पहले हाथ-पांव तथा चेहरा धोकर ईश्वर का ध्यान करना चाहिए। इससे रात को बुरे स्वप्न भी नहीं आते और नकारात्मक शक्तियां भी दूर रहती हैं।

रात को किसी पराए स्त्री-पुरुष से नहीं मिलना चाहिए:- रात के समय स्त्रियों को किसी पराए पुरुष से तथा पुरुष को किसी पराई स्त्री से एकांत में नहीं मिलना चाहिए। बुरी संगति, कुव्यसनी तथा शराबियों से भी रात को दूर ही रहना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर आपको न केवल नुकसान हो सकता है वरन बदनामी का भी दाग लगता है।

आधी रात के बाद न बनाएं शारीरिक संबंध :- शास्त्रों के अनुसार रात 12 बजे बाद अगला दिन शुरु हो जाता है तथा ब्रह्मबेला से ठीक पहले वाला समय आरंभ हो जाता है। ऐसे समय पर व्यक्ति की मानसिक तथा आध्यात्मिक शक्तियां जागृत हो जाती हैं। इसीलिए मध्यरात्रि के एक प्रहर बाद से ब्रहम मुहूर्त आरम्भ हो जाता है। ऐसे समय में व्यक्ति को अध्ययन, मनन, ध्यान तथा भगवान की पूजा-पाठ जैसे कार्य करने चाहिए। कोई नई योजना बनानी हो तो भी उसके लिए यह समय बहुत उपयुक्त है।

परन्तु इस समय भूल कर भी शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए अन्यथा पुरुषत्व की हानि होने के साथ-साथ व्यक्ति का बुरा समय आरंभ हो जाता है। शारीरिक संबंध बनाने के लिए सर्वोत्तम समय बह्म मुहूर्त के प्रहर से पहले (अर्थात् सुबह 3 बजे से पहले) का ही ठीक माना जाता है।
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