15 दिनों में करे थायराइड का जड़ से सफाया दो औषधियों के मिश्रण से

आँवला चूर्ण और शहद : आपको लग रहा होगा की आँवला चूर्ण और शहद एक साधारण सा नाम है लेकिन आपको बता दूँ की मैंने अभी तक जितने भी थाइरॉइड से ग्रसित रोगी थे उनको यह उपाय बताया और सत्-प्रतिशत परिणाम मिला, इसका असर 15 दिनों में आपको महसूस होने लगेगा। आप सुबह उठते ही खाली पेट एक चम्मच शहद (ऑर्गेनिक शहद) में 5-10 ग्राम आँवला चूर्ण को मिक्स कर ऊँगली से चाटे यही प्रक्रिया रात को खाना खाने के 2 घंटे बाद या सोते वक़्त दोहराये, परिणाम आपके सामने होगा बेहद आसान उपाय है लेकिन अचूक कारगर है। आप अपना अनुभव औषधि सेवन के कुछ दिन बाद हमे जरूर बताये।

अश्वगंधा : अश्वगंधा सबसे चमत्कारी दवा के रूप में कार्य करता है। अश्वगंधा का सेवन करने से थाइरॉइड की अनियमितता पर नियंत्रण होता है। अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर में भरपूर ऊर्जा बनी रहती है साथ ही कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है।

समुद्री घास : समुद्री घास को भी थाइरॉइड ग्रंथि को नियमित बनाने केेे लिए एक रामबाण दवा की तरह काम करती है। समुद्री घास के सेवन से शरीर को मिनरल्स व आयोडिन मिलता है। इसीलिए समुद्री घास का सेेवन इस बीमारी मेें लाभदायक है। इसकेेे अलावा इससे मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट स्किन को जवान बनाएं रखते हैं।

नींबूं की पत्तियां : नींबू की पत्तियों का सेवन थाइरॉइड को नियमित करता हैं। दरअसल मुख्य रूप से इसका सेवन थाइरॉक्सिन के अत्याधिक मात्रा में बनने पर रोक लगाता है। इसकी पत्तियों की चाय बनाकर पीना भी इस बीमारी में रामबाण औषधि का काम करती है।

ग्रीन ओट्स : थाइरॉइड में ग्रीन ओट्स एक नेचुरल औषधि की तरह कार्य करता है। ये शरीर में हो रही थाइरॉक्सिन की अधिकता व उसके कारण हो रही समस्याओं को मिटाता है।
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