भारतीय आयुर्वेद ने खोजी कैंसर की रामबाण अचूक दवा, अब इस देश में कैंसर से नहीं जाएगी किसी की जान

भारत विश्व में आयुर्वेद का ज्ञाता और गुरु रहा है। भारत में आयुर्वेद के ऊपर शोध भी हमेसा से होते रहे है लेकिन अब जो शोध निकल के आया है वो गौरवान्वित करने वाला है साथ ही साथ एक ऐसी बीमारी जिसे लगभग लाइलाज कहा जाता है उसके ऊपर है। जी हां कैंसर की आयुर्वेदिक दवा खोज ली गयी है।


कोलकाता स्थित संस्थान के वैज्ञानिकों की एक टीम ने लंबे अरसे तक चले परीक्षण के बाद छपे अपने दो पर्चों में बताया है कि नीम के पत्तियों से निकलने वाले एक खास किस्म के संशोधित प्रोटीन ‘नीम लीफ ग्लाइकोप्रोटीन’ यानी एनएलजीपी के जरिए चूहों में ट्यूमर कोशिकाओं की वृद्धि रोकने में कामयाबी मिली है।

यह प्रोटीन कैंसर से सीधे लड़ने की बजाय ट्यूमर से निकलने वाले जहरीले व घातक रसायनों के खिलाफ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर देता है। प्रतिरोधक कोशिकाओं कैंसर जैसी घातक बीमारियों से शरीर की रक्षा करती हैं। राजीव दिक्षित जी ने नीम के अलावा और भी कई उपाय बताये है। कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में कहा गया था कि नीम प्रजनन तंत्र पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।

लेकिन हमने अपने शोध के जरिए इस संभावना को खारिज कर दिया है।” इस शोध से जुड़े चितरंजन कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक और सर्जिकल ओंकोलॉजिस्ट जयदीप विश्वास कहते हैं, “अब तक के नतीजे काफी उत्साहजनक रहे हैं। जानवरों पर किए गए परीक्षणों में यह यौगिक बेहद सुरक्षित साबित हुआ है।”
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