शनिदेव की कृपा पाना चाहते हैं तो इनमे से कोई एक उपाय करें, खुल जाएंगे बंद किस्मत के दरवाजे

शनि देव का असर !!
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ऐसा ग्रह है जो एक साथ पांच राशियों पर सीधा असर डालता है। एक ही समय में शनि की तीन राशियों पर साढ़ेसाती और दो राशियों पर ढय्या रहती है। वर्तमान में तुला, वृश्चिक और धनु राशि पर साढ़ेसाती और मेष तथा सिंह राशि पर ढय्या बनी हुई है। शनिदेव का स्वभाव क्रूर माना गया है। शनि की साढ़ेसाती और ढय्या के समय में प्रभावित राशि के लोगों को कड़ी मेहनत करना पड़ती है। जिस व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ फल देने वाला है, उसे किसी भी कार्य में आसानी से सफलता प्राप्त नहीं होती है। साथ ही, राहु-केतु भी बुरा प्रभाव दे सकते हैं। पिता-पुत्र में वाद-विवाद हो सकता है। परिवार में भी अशांति रहती है। साढ़ेसाती और ढय्या के समय इस प्रकार की परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं।

उपाय इस प्रकार करे !!
हर रोज नहाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन इसके साथ ही शास्त्रों में बताए गए उपाय किए जाए तो बुरे समय से मुक्ति पाई जा सकती है। शनिदेव के बुरे प्रभावों से निजात पाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं। ज्योतिष के अनुसार शनिवार शनिदेव की आराधना के लिए खास दिन माना गया है। इस दिन शनि के निमित्त पूजन-कर्म करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। शनिवार को स्नान के संबंध में ये खास उपाय बताया गया है। शनिवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य क्रियाओं से निवृत्त हो जाएं, इसके बाद पूरे शरीर पर तेल लगाएं। अच्छे से तेल की मालिश करें। नहाने के पानी में थोड़े से काले तिल डाल लें। इसके बाद इस पानी से स्नान करें। स्नान के बाद तेल का दान करें। ऐसी मान्यता है कि इस उपाय शनि के दोष शांत होते हैं। काले तिल और तेल, शनि की वस्तुएं मानी गई हैं।
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