अपने घर की छत पर इसे लगाने से मालामाल बन सकते हैं आप

वास्तुशास्त्र सिद्धांत के अनुसार दिशाओं को दस भागों में विभक्त किया गया है। उसी भांति हर ग्रह एक निश्चित दिशा में शुभ परिणाम देता है दूसरी ओर निश्चित ग्रह निश्चित दिशा में अशुभ परिणाम भी देते हैं। वास्तु पुरूष सिद्धांत के अनुसार घर की छत जातक की कुण्डली का बारहवां भाव कहलाती है। इस भाव से व्यक्ति के आर्थिक नुकसान धन हानि और शैय्या सुख देखा जाता है। कालपुरूष सिद्धांत के अनुसार कुण्डली के बारहवें भाव में बुद्ध और राहू अत्य़धिक बुरा प्रभाव देते हैं दूसरी ओर केतू और शुक्र बारहवें भाव में सर्वश्रेष्ठ प्रभाव देते हैं।

कभी-कभी व्यक्ति के जीवन में ऐसी स्थिती आ जाती है जिससे आर्थिक समस्याओं और दुर्भाग्य से दो-चार होना पड़ता है जिसके तहत व्यक्ति कंगाली की हद तक आ जाता है। यह स्थिती कुण्डली में राहू केतू शनि और मंगल के कारण आती है। लाल किताब में शनि, केतू और राहू से संबंधित कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जिन्हें अपनाकर आर्थिक तंगी और धन हानि से मुक्ति पाई जा सकती है। यह उपाय घर की छत अथवा कुण्डली के बारहवें भाव से संबंधित हैं जिन्हें करके व्यक्ति आमदनी से लाभ पा सकते हैं।

1 हनुमान जी पर चढ़ाया गया त्रिकोण लाल झण्डा घर की छत की दक्षिण दिशा में लगाने से दुर्घटना से सुरक्षा मिलती है तथा जीवन साथी के स्वास्थ्य में सुधार आता है।

2 घर की छत पर सतरंगी पताका लगाने से निसंतान दंपत्ति तो संतान प्राप्त होती है तथा आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है।

3 घर की छत पर जंग लगा लोहे का सामान तथा ईंधन कभी नहीं रखना चाहिए।

4 घर की छत पर कभी भी पालतु पशु नहीं बांधने चाहिए।

5 घर की छत पर कभी भी मंदिर नहीं बनाना चाहिए अन्यथा दुर्भाग्य प्रबल होता है।

6 घर की छत पर सफेद झण्डा लगाने से व्यक्ति के कारोबार में सुधार आता है तथा धन की प्राप्ति होती है।

7 घर की छत पर हनुमान जी के सिंदूर से धार्मिक चिन्ह बनाने से ऊपरी बाधा से मुक्ति मिलती है।
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