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अपने दिन को हेल्थी बनाने के लिए जानिए डॉक्टर त्रेहान के फंडे

जिंदगी खुश रहने के लिए है। जिंदादिली से जीने के लिए है। यदि आप अस्सी साल की उम्र तक जीते हैं, लेकिन कई बीमारियों ने आपको घेर रखा है तो ऐसी जिंदगी व्यर्थ है। हम जिस युग में जी रहे हैं, उसमें वर्क का रोमांस है लेकिन काम के बोझ तले हम जिंदगी को कहीं पीछे छोड़ देते हैं। तनाव को 24 घंटे से ज्यादा रखना, दिल, दिमाग और शरीर तीनों के लिए खतरनाक है। मैंने जिंदगी में जो सीखा, वही आपसे शेयर करना चाहता हूं। ये जिंदगी जीने के पांच सूत्र हैं जो जिंदगी को सहज और जिंदादिल बनाते हैं।

बायोलॉजिकल क्लॉक को समझना
जिंदगी एक बायोलॉजिकल क्लॉक (जैविक घड़ी) की तरह है। इसे समझना होगा। अपनी जिंदगी के 30 साल तक जैसे चाहे वैसे काम कर सकते हैं। जी सकते हैं। इस समय का खाना-पीना यदि अव्यवस्थित है भी तो हमारा शरीर उसे सह सकता है। लेकिन जैसे ही उम्र तीस को छूए आप सचेत हो जाएं। दिनचर्या को नियमित करने लगे। खान-पान, रहन-सहन सुधार लें। यदि सतर्क रहें तो चालीस साल की उम्र में तीस साल का महसूस कर सकते हैं। पचास में चालीस साल के दिख सकते हैं। अपनी उम्र से दस साल छोटा अनुभव करना चाहते हैं तो वेट मशीन से दोस्ती कर लें। रोज एक ही समय में वजन लेकर देंखे। मशीन खुद आपको बता देगी कि आपने गड़बड़ कहां की है। फिर उसके हिसाब से आप अपना आज और कल सुधारें।

योगा इज लाइफ
योगा मेरी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा है। मेरी सुबह की शुरुआत योग से होती है। आज से 50 साल पहले सभी शारीरिक श्रम ज्यादा करते थे। वहीं भोजन की कमी थी। आज भोजन की अधिकता है लेकिन शारीरिक श्रम बेहद कम हो गया है। भोजन और शारीरिक श्रम के बीच बैलेंस बनाने के लिए एक्सरसाइज पर ध्यान देना चाहिए। योग से पूरे शरीर की एक्सरसाइज होती है। आपकी स्ट्रेचिंग अच्छी होती है। अनुलोम-विलोम से शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो अच्छा होता है, जिसकी आज बेहद जरूरत है। योग में बस आपके हृदय व्यायाम (कार्डिएक वैसकुलर एक्सरसाइज) नहीं होती। यदि योग के साथ हम 45 मिनट तेज चाल से पैदल चलें तो यह पूरे शरीर को स्वस्थ्य रखेगा। आपको हफ्ते में चार दिन अपने शरीर के लिए रखने ही चाहिए।

स्ट्रेस फ्री माइंड
दौड़ती-भागती जिंदगी में तनाव सबसे बड़ा दुश्मन है। तनाव के कारण हाई ब्लड प्रेशर से लेकर हार्ट अटैक तक कई गंभीर बीमारियां होती हैं। माना कि तनाव जिंदगी का अहम हिस्सा है, वह होगा ही लेकिन उसका 24 घंटे से ज्यादा साथ रहना खतरनाक है। आपको किसी भी तरह के तनाव को 24 घंटे से ज्यादा अपने साथ नहीं रखना है। इसे दूर करने के लिए मैं फिर कहूंगा योगा सबसे बेहतर हैं। आप योगा के अलावा अपनी पसंद के शौक जैसे संगीत, वाद्ययंत्र, नृत्य आदि के साथ तनाव को दूर कर सकते हैं। आपको यह ध्यान रखना होगा कि तनाव आपकी जिंदगी छोटी नहीं बुरी करता है। वह आपको बीमारियां देता है इसलिए इससे बचना नहीं तो इसे दूर करना तो हर व्यक्ति को सीखना ही चाहिए।

हेल्दी लाइफ स्टाइल
हर व्यक्ति कहता है, हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाओ लेकिन इस बात को फॉलो नहीं कर पाता। इसलिए मैं कहता हूं हेल्दी लाइफ स्टाइल को मॉडरेट किया जाए। यदि दो दिन आपने बाहर खाना खाया है तो हफ्तेभर घर का हेल्दी फूड लें। जो दो दिन के गैप को दूर कर सके। यदि आप किसी शादी में गए हैं, वहां चालीस तरह के व्यंजन हैं तो जरूरी नहीं सबकुछ खाया जाए। संतुलन जरूरी है। हफ्ते में दो दिन 60 एमएल शराब का सेवन किया जा सकता है लेकिन एक ही दिन काफी पी लेना आपके हद्य के लिए घातक है। वहीं तंबाकू से जुड़ी हर चीज आपके स्वास्थ्य को खराब ही करेगी। यह आपको समझना है कि करना क्या है। आज कई तरह के भ्रामक प्रचार किए जाते हैं, यह खाएं यह ना खाएं। समझना होगा कि फूड साइकल सैकड़ों सालों के बाद बनी है। इसलिए हम स्थान का फूड अलग है। प्रकृति के अनुसार चलना होगा। जैसे ही प्रकृति को अपनाएंगे अपने आप स्वस्थ्य हो जाएंगे।

साइंस को दोस्त बनाइए
मेडिकल साइंस रोज नए पायदान चढ़ रहा है। पिछले कुछ सालों में मेडिकल साइंस ने खासी तरक्की की है। अपनी जिंदगी मेडिकल साइंस के सुपुर्द कर देनी चाहिए। समझना चाहिए कि यदि घर में किसी को हाईब्लड प्रेशर, शुगर या हार्ट प्रॉब्लम है तो अगली पीढ़ी को यह होने की संभावना 20 प्रतिशत ज्यादा होगी। इसके साथ ही तीस साल का पड़ाव पार करने के बाद रेगुलर मेडिकल चैकअप कराना चाहिए। यदि कोई बीमारी संभावित है तो डरने की जगह उसका इलाज करवाना चाहिए। आज हार्ट, लीवर, किडनी, लंग और आइज सभी का ट्रांसप्लांटेशन संभव है इसलिए यदि बीमार हो भी गए हैं तो बिना हिचके औऱ डरे चिकित्सकीय सहायता लें।
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