घर में अगर नकारात्मक उर्जा का वास हो गया है तो इसे जरुर करें!!

मकान की नकारात्मक उर्जा हटाने के उपाय
    प्राचीन काल से ही पानी( जल) को बेहद शक्तिशाली शुद्धिकरण (Purification) तत्व माना जाता रहा है यदि आप नल के आम पानी को भी एक कटोरी मे भर लें और इसे 3 से 4 घंटे तक इससे सूरज की रोशनी में पड़ा रहने दें तब भी ये पानी चार्ज होकर शुद्धिकरण के लिए तैयार है कटोरी को हाथ में लेकर ईश्वर से प्रार्थना करते हुये सबसे पहले अपना मनोरथ तय करें तथा शुद्धिकरण के लिए ताज़ा आम या अशोक पत्तियों से आप सारे घर में इस जल के छींटे दे।

    अग्नि (Agni) भी स्वच्छ करने वाला एक ताकतवर तत्व है एक अगरबत्ती या लोबान जला कर सारे घर में घुमाएँ तथा इस दौरान आप पवित्र पुस्तकों से या ग्रन्थों से मंत्रोंचरण करते रहें-इसके धुएँ को घर के कोने तक पहुंचाए और अपने नये घर में स्वयं और परिवार के लिए प्रसन्नता की कामना करें।

    नमक को भी एक शक्तिशाली शुद्धिकरण (Purification) तत्व माना जाता रहा है अच्छी मात्रा में नमक को कमरों में कोने-कोने रात को फैला दें-ये नमक आपके घर की नकारात्मक उर्जा को सोख लेता है और सुबह इस नमक को झाड़ू से साफ कर घर से बाहर कर दें ताकि घर से नकारात्मक उर्जा (Negative Energy) भी इसके साथ बाहर हो जाए और अगर नियमित पोछा लगाते समय पानी में थोडा सा नमक मिला के पोछा लगाये तो नकारात्मक उर्जा के साथ ही सम्पन्नता का आगमन भी होता है ये देखने में साधारण सी बात लगती है लेकिन जीवन में आपके आनंद और सम्पन्नता से सराबोर करने की शक्ति रखती है जिनको विश्वास नहीं उनका इलाज इस दुनियां में नहीं है।

    ध्वनि भी सकारात्मक उर्जा को गति देती है और इससे घर को शुद्ध भी किया जा सकता है आप प्रार्थना करके और अपने मनोरथ तय करने के बाद अपनी पसंद की किसी ध्वनि तकनीक का इस्तेमाल करें जो आप पसंद करते हों जैसे कुछ लोग कमरे में तालियो की आवाज़ की गूँज भरना पसंद करते हैं जो किसी भी स्थान में सकारात्मक उर्जा व विचारों को आकर्षित करती है कुछ लोग पूजा में प्रयोग होने वाली घंटियों को बजाते होये पूरे घर में चक्कर लगातें है तथा ढोल की लयबद्ध ध्वनि से किसी भी स्थान में उर्जा का उच्च स्तर पैदा किया जा सकता है और किसी वाध्यन्त्र के स्थान पर आपकी अपनी आवाज़ भी एक शक्तिशाली शुद्धीकरण तत्व का काम कर सकती है।

    किसी भी नये घर में मंत्रोच्चारण-गुनगुनाना या भजन गायन भी इसे शर्तिया तौर पर उर्जा से भर देता है और सबसे उत्तम शंख ध्वनि है जिसके प्रयोग से घर की सभी नकारात्मक उर्जा का बहिस्कार हो जाता है और शंख में भर कर जल को आप घर में प्रक्षालन (छिडकना) कर सकते है।

    नये घर के हर कमरे और स्थान पर जाकर मंत्रोच्चरण करने हेतु अरोमाथेरेपी (Aromatherapy) में इस्तेमाल होने वाले तेल को छिड़के और कोनों पर विशेष ध्यान दें जहा आमतौर पर नकारत्मक उर्जा का स्थान होता है इस तेल की खुशबू घर की शुद्धि के लिए काफ़ी ताकतवर तत्व के रूप में काम करती है।

    यदि आप ऐसे घर में प्रवेश करने वाले है जहाँ आपसे पहले भी कोई रहता था तो उसकी शुद्धिकरण का सबसे प्रभावी तरीका है कि उस घर के पूर्व निवासियों दवारा पीछे छोड़ी गई नकारात्मक उर्जा को हटाने के लिए घर की अच्छी तरह से सफाई करके वहाँ नया पेंट करवाया जाए-ऐसा करने का सबसे उपयुक्त मौका तभी होता है जब वह घर खाली होता है खाली मकान को पर्याप्त समय के लिए खिड़किया व दरवाज़ों को खुला रहने दें ताकि सूर्य की रोशनी और हवा भीतर तक प्रवेश कर सकारात्मक तरंगों से घर भर दें।

    आप अपने घर की खिड़कियों को चौबीस घंटे में से कम से कम पच्चीस मिनट के लिए जरुर खोलें ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने का और नकारात्मक उर्जा को बाहर निकलने का रास्ता निकल पाएं वैसे आजकल लोगों ने अपनी प्राइवेसी के लियें बंद कमरों का निर्माण करना शुरू किया है जिनके कमरे में हवा और सूर्य की रौशनी नहीं जा पाती है इस बाद को भी ध्यान देगें तो पता चलेगा उस कमरे में रहने वालों को जादा बीमारियाँ भी होती है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भी कम होती जाती है।

    आप अपने घर में पूजा स्थान में नियमित रूप से गाय के देशी घी का दीपक अवश्य जलाएं-गाय के देशी घी के दीपक से दो फायदे होते है नकारात्मक उर्जा के साथ-साथ आपके घर के प्रभावी बैक्टीरिया को भी खत्म कर देता है अब तो गाँव के मकानों में गाय के गोबर से लीपने की प्रथा भी समाप्त होती जा रही है जबकि गाय के गोबर में बैक्टीरिया का खत्म करने की अदभुत शक्ति होती है।

    घर के पूजा स्थान के मंदिर में देवी-देवताओं पर चढ़ाए गए फूल-हार को दूसरे दिन अवश्य हटा देना चाहिए।
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