काम धंधा नही चल रहा हो तो एक बार करें तेल का ये अचूक उपाय, रातों रात में बदल जाएगी आपकी किस्मत

तेल - तेल के फायदों के बारे में तो आप कई बार सुन चुके होंगे। विभिन प्रकार के तेल विभिन्न गुणों वाले होते हैं, ये आपकी सेहत के साथ-साथ खाने के स्वाद को भी बढ़ाते हैं। जैसे सेहत के हिसाब से ऑलिव ऑयल यानि जैतून के तेल को सबसे उपयुक्त माना गया है क्योंकि यह हल्का भी होता है और सेहतमंद भी।

अलग-अलग गुण
विभिन्न तेलों में अलग-अलग गुण होते हैं, सरसों का तेल, जैतून, मूंगफली, तिल आदि सभी के तेल कुछ ना कुछ खासियत अवश्य रखते हैं। खाने के साथ-साथ ये तेल पूजा के काम भी आते हैं।

हिन्दू धर्म
हिन्दू धर्म में पूजा या आरती के दौरान दीपक जलाने का प्रावधान है, जिसमें घी या तेल प्रमुख रूप से शामिल किए जाते हैं। हमने आपको पहले ही बताया है कि किस मनोकामना की पूर्ति के लिए कौन-से तेल का दीपक जलाना चाहिए।

तेल का उपयोग
पूजा करने और खाद्य पदार्थों के अलावा तेल का उपयोग आयुर्वेद के अनुसार भी किया जाता है। तिल, अलसी आदि कुछ ऐसे ही पदार्थ हैं जिनका उल्लेख आयुर्वेद में किया गया है।

अन्य उपयोग
लेकिन इन सबके अलावा तेल का एक अन्य उपयोग भी है, जिसके बारे में निश्चित ही बहुत कम लोग जानते होंगे।

कारगर टोटके
आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है परंतु ये सच है कि तेल का उपयोग टोटकों के लिए भी किया जाता है। तो चलिए जानते हैं विभिन्न तेलों के उपयोग से किए जाने वाले कुछ कारगर टोटके।

तिल का तेल
अगर आपको अपनी कोई मनोकामना पूर्ण करवानी है तो शनिवार या मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर जाकर तिल का तेल चढ़ाएं। ध्यान रहे, हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक नहीं जलाया जाता वरन् उनके शरीर पर चमेली का तेल लगाया जाता है।

सरसों का तेल
शनिवार के दिन आपको सरसों के तेल में अपना चेहरा देखकर उसे शनि मंदिर में रख आएं। इसके अलावा शनिदेव पर तेल भी चढ़ाएं, ऐसा करने से उनकी कृपा हमेशा आप के ऊपर बनी रहेगी।

असाध्य रोगों से मुक्ति
असाध्य रोगों से मुक्ति पाने के लिए लगातार 41 दिनों तक पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा विभिन्न साधनाओं के लिए भी तिल के तेल का प्रयोग अच्छा माना गया है।

शारीरिक बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए
शनिवार के दिन सरसों के तेल में सवा किलो आलू और बैंगन की सब्जी बनाकर, सवा किलो आटे की पूड़ियों के साथ नेत्रहीनों, विक्लांगों और निर्धन लोगों को भोजन करवाएं। लगातार तीन शनिवार तक ऐसा करने से शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं।

दुर्भाग्य
अगर दुर्भाग्य आपका पीछा नहीं छोड़ रहा है तो गेहूं के आटे और गुड़ के पुए को सरसों के तेल में सेंककर सात मदार या आक के फूल, सिंदूर, आटे का दीपक, पत्तल या अरंडी के पत्तल पर रखकर शनिवार की रात किसी चौराहे पर रख आएं और पीछे मुड़कर ना देखें।

अनिष्ट से बचने के लिए
अनिष्ट या फिर अन्य किसी बाधा से बचने के लिए कच्ची घानी के तेल में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें। इससे हर तरह की बाधा से मुक्ति मिलेगी और साथ ही धन की भी प्राप्ति होगी।

घर में सुख-शांति के लिए
सरसों के तेल और आटे का दान करना घर में हर तरह के क्लेश और झगड़े को खत्म करता है। आप इसे किसी भी मंदिर या आश्रम में दान कर सकते हैं।
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