कलावा बांधने के 4 फायदे, जानकर हो जाएंगे हैरान

हिन्दू अपने हाथों (कलाई पर) जो पवित्र धागे बांधते हैं उन्हें कलावा या मौली या चरदु कहते हैं। इसे कोई पुरोहित या घर का बड़ा व्यक्ति बांधता है।

कलावा धार्मिक कारण से ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक कारणों से भी बांधना शुभ है। कलावा को ही मौली कहते हैं।

- कलाई पर कलावा बांधने से जीवन पर आने वाले संकट से रक्षा होती है। क्योंकि इस तरह त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों की कृपा प्राप्त होती है।

- कलावा का धागा कच्चे सूत से तैयार किया जाता है और यह कई रंगों जैसे, लाल, पीला, सफेद या नारंगी रंगों का होता है। इसे बांधने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।

- वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार कलाई पर जहां कलावा बांधा जाता है। शरीर के उस हिस्से से शरीर के कई प्रमुख अंगों तक पहुंचने वाली नसें गुजरती हैं। इसलिए ऐसे में रक्त संचार तीव्र और कलावा के जरिए सकात्मक ऊर्जा का संचार पूरे शरीर में होता रहता है।

- कलावा, कलाई की नसों को दुरुस्त रखता है। कलावा बांधने से कलाई की नसों में रक्त का संचार अच्छे होने की वजह से रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह और लकवा जैसे गंभीर रोगों से काफी हद तक सुरक्षा मिलती है।
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