अक्षय तृतीया विशेष - बदल जाएगा आपका भाग्य अगर आप करेंगे 28 को यह पीली पोटली का उपाय !!

शास्त्रों में लक्ष्मी प्राप्ति के लिए चार प्रमुख दिन बताए गए हैं। यह साल के वो चार ऐसे महूर्त हैं जब धन की देवी माहलक्ष्मी स्वयं धरती पर विचरती हैं। साल का पहला महूर्त होता है अक्षय तृतिया, साल का दूसरा महूर्त है शरद पूर्णिमा, साल का तीसरा महूर्त है कार्तिक अमावस्या अर्थात दीपावली और साल का चौथा महूर्त है कार्तिक पुर्णिमा अर्थात देव दीपावली। यह चार ऐसे महूर्त हैं जिस पर देवी महालक्ष्मी अपने वरद हस्तों से खुलकर समस्त संसार पर धन वर्षा करती हैं परंतु शास्त्रों में लक्ष्मी को चपला कहा गया है अर्थात धन की देवी कहीं टिकती नहीं है। पौराणिक व तंत्र शास्त्रों में धन की देवी की स्थिर रखने के लिए अनेक यतन, प्रयास व अनुष्ठान बताए गए हैं।

अत्यंत शुभ और पवित्र मानी जाने वाली अक्षय तृतीया, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में जब सूर्य और चन्द्रमा अपने उच्च प्रभाव में होते हैं तब पड़ती है। इस समय दोनों ही  अपने उच्चतम बिंदु पर होते हैं। इस तिथि को हिन्दू पंचांग के अनुसार अत्यंत शुभ माना जाता है व अक्षय तृतीया के रूप में  मनाया जाता है। इस वर्ष अक्षय तृतीया 28 अप्रैल को मनाई जाएगी। शुभ नक्षत्रों के योग के  कारण इस दिन अत्यंत शुभ मुहूर्त होता है।

अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं –
अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त- प्रात: 10.29 से दोपहर 12.18 तक, 28 अप्रैल 2017।
तृतीया तिथि प्रारंभ- 10.29 बजे, 28 अप्रैल 2017।
तृतीया तिथि समाप्ति- 6.55 बजे, 29 अप्रैल 2017।

यह है पीली पोटली का अचूक उपाय
एक पीला कपड़ा लेकर उसमें 5 कौड़ी, थोड़ा सा केसर, 5 चाँदी के सिक्के डालकर इन सब को पीले कपड़े मे बाँधकर पोटली बना ले और इस पोटली को आप जहां धन रखते है जैसे तिजोरी आदी जगह पर रख दे।  ऐसा करने से घर मे बरकत बनी रहेगी और माँ लक्ष्मी का घर मे सदैव घर मे आगमन होगा।  इसके बाद शाम के समय गाय के घी का दीपक घर के उत्तर पूर्व कोने मे जलाये । हो सके तोह दीपक मे रुई कि जगह लाल रंग के धागे का उपयोग करे और दीपक मे थोड़ा सा केसर भी डाल देंगे तो यह घर के वातावरण को भी शुद्ध कर देगा और माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी।
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