1 साल तक के बच्चों को भूलकर भी चीनी और नमक नहीं देना चाहिए क्योंकि...

बच्चों की देखभाल बड़ों की तुलना में थोड़ा बारीकी और गंभीरता से करने की जरूरत होती है। क्योंकि 0 से 1 साल तक के बच्चों के शारीरिक अंग इतने मजबूत नहीं होते कि वह किसी तरह के नुकसान को झेल लें। इसके साथ ही इतने छोटे बच्चे अपने दर्द और मजबूरी को आसानी से बयां भी नहीं कर पाते हैं। जब बात आती है बच्चों के खानपान की तो हमें और भी सर्तकता बरतने की जरूरत होती है। 1 साल तक के बच्चों के दांत नहीं निकलते हैं इसलिए ऐसे बच्चों को ज्यादातर तरल पदार्थ या हल्के व्यंजन जैसे सूप या दाल का पानी ही दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1 साल तक के बच्चों को भूलकर भी चीनी और नमक नहीं देना चाहिए?

जब हम ये सोच कर बच्चों के खाने में चीनी और नमक को शामिल करते हैं कि बच्चों को टेस्ट बदल जाएगा तो ये बदलाव उनके स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। बच्चे को पहले 6 महीने नहीं तो कोशिश करनी चाहिए कि 1 साल तक सिर्फ मां का दूध ही दिया जाए। क्योंकि 1 साल तक चीनी या नमक बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। इनके सेवन से उसकी सेहत को कई तरह के नुकसान पहुंच सकते हैं। अगर आप नहीं जानते कि 1 साल तक के बच्चों को क्यों चीनी और नमक क्यों नहीं देने चाहिए तो आइए हम आपको बता रहे हैं।

इसलिए नहीं खिलानी चाहिए चीनी
चीनी में कई ऐसे कैमिकल्स मिले होते हैं जो बच्चों के दांतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। फलों में आमतौर पर इतना प्राकृतिक शुगर होता है कि ​जो बच्चों का टेस्ट बदलने के​ लिए काफी है। अगर आप बच्चे को अलग से चीनी खिला रहे हैं तो सावधान हो जाएं। इससे बच्चे के बचपन में ही शुगर लेवल बढ़ने का डर रहता है। बच्चों को ज्यादा नमक और ज्यादा चीनी का सेवन कराने से उनकी किडनी पर भी बुरा असर पड़ने का खतरा बना रहता है।

नमक खिलाने के नुकसान
नमक का ज्यादा सेवन छोटे बच्चों की आंतों पर बुरा असर डाल सकता है। छोटे बच्चों को रोजाना सिर्फ 1 ग्राम नमक की ही जरूरत होती है। इतना नमक उन्हें सब्जियों और फलों से नेचुरल ही मिल जाता है। इसलिए अलग से नमक खिलाने की जरूरत नहीं होती है। क्योंकि अगर इससे ज्यादा खिलाते हैं तो उन्हें कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। जिसमें किडनी पर बुरा असर पड़ना शामिल है। इसके साथ ही बच्चों में हाइपरटेंशन बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है।
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