28 मार्च से नवरात्र शुरु, इन अचूक उपायों को करने से पूरी होगी हर मनोकामना

हिंदू धर्म में नवरात्रि की महिमा अपरम्पार कही गई है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवरात्रि में किए गए प्रयोग अत्यंत फलदायी होते है, इनको श्रद्धा से करने से सभी अभिलाषाएँ पूर्ण होती है। इस बात का अवश्य ही ध्यान रखे कि यह प्रयोग गोपनीय तरीके से बिना किसी संशय के, सात्विक भाव से किए जाए। जानिए नवरात्र के अचूक प्रयोग-

नवरात्र में माता दुर्गाजी को शहद को भोग लगाने से भक्तो को सुंदर रूप प्राप्त होता है व्यक्तित्व में तेज प्रकट होता है।

नवरात्र में माँ दुर्गा की आराधना "लाल रंग के कम्बल" के आसन पर बैठकर करना अति उत्तम माना गया है। इससे सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।

नवरात्र में स्थाई लक्ष्मी प्राप्ति के लिए नित्य पान में गुलाब की 7 पंखुरियां रखकर मां दुर्गा को अर्पित करें ।

नवरात्रि में पूजा के समय प्रतिदिन माता को शहद एवं इत्र चढ़ाना न भूले। नौ दिन के बाद बचे हुए शहद व इत्र को माता का स्मरण करते हुए खुद के लिए इस्तेमाल करें। इससे मां की कृपा प्राप्त होती है।

नवरात्र में इन दो में से किसी भी एक मंत्र का अधिक से अधिक जप करने पर हर इच्छा पूरी होती है

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके । शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते।।

या

ऊँ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

नवरात्र में प्रात: श्रीरामरक्षा स्तोत्र का पाठ करने से हर कार्य सफल होते है, साथ ही व्यक्ति के जीवन में आने वाली समस्त विघ्न बाधाएं शांत होती हैं।

नवरात्रि में पड़ने वाले शनिवार को बजरंग बली को सिंदूर को चमेली के तेल में मिलाकर चोला चढ़ाएं एवं लाल गुलाब भी भेंट करें। इसके साथ ही संकटमोचन को गुड़ का भोग लगते हुए बूंदी अथवा लाल पेड़े का प्रसाद अर्पित करें और थोड़ा सा घर पर भी लेकर जाएँ।

प्रबल शत्रु को शांत करने के लिए नवरात्री की सप्तमी, नवमी के दिन साबुत उड़द की काली दाल के 38 और चावल के 40 दाने मिलाकर किसी गड्ढे में दबा दें और ऊपर से नींबू निचोड़ दें। नींबू निचोड़ते समय शत्रु का नाम लेते रहें, इससे वह शान्त हो जायेगा।

नवरात्र की अष्टमी के दिन पूजन के समय माता लक्ष्मी के श्री चरणों में कमल का फूल अवश्य अर्पित करें, पूजा के बाद यही पुष्प लाल वस्त्र में लपेटकर अपने धन स्थान अथवा तिजोरी में रखना चाहिए, इससे सदा के लिए दरिद्रता दूर हो जाती है।

नवरात्र के शुक्रवार के दिन एक बिलकुल नया लाल सूती वस्त्र लेकर उसमें जटायुक्त नारियल बांधें तथा 7 बार अपनी मनोकामना कहें, फिर मां का स्मरण करते हुए बहते जल में प्रवाहित कर दें, इस उपाय से जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।
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