आखिर घर में बनाई गई पहली रोटी क्‍यों नहीं खाना चाहिए, जानें क्‍या है वजह

हिंदू धर्म शास्त्रों में पशु-पक्षियों को अन्न खिलाने की बड़ी महिमा है। ऐसी पौराणिक मान्यता है कि कबूतरों को बाजरा खिलाने से घर में सुख शांति आती है और परिवार धन-धान्य से परिपूर्ण हो जाता है। हिंदू धर्म में गाय को पूज्य और पवित्र माना जाता है। इसकी सेवा करने वाले व्यक्ति को सभी सुख प्राप्त हो जाते हैं।

ऐसी मान्यता है कि इसी प्रकार पक्षियों को दाना डालने पर आर्थिक मामलों में लाभ प्राप्त होता है। गाय को लेकर भी हिंदू धर्म में ऐसी पौराणिक मान्यता है कि घर में बनी पहली रोटी को गाय को जरूर खिलानी चाहिए।

ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक खाना बनाते वक्त हमेशा पहली रोटी गाय के लिए बनानी चाहिए। इसके बाद ही परिवार के बाकी लोगों के लिए रोटियां सेकनी चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि गाय की उस रोटी में थोड़ी हल्दी भी मिली हो। इससे गाय को रोटी खिलाने का अपार फल मिलता है।

गुरुवार को लोई (सना हुआ आटा) में हल्दी मिलाकर भी गाय को खिलाने से जीवन में शुभता और वैभव हासिल करने के लिए खिलाए जाने की परंपरा है। हिंदू धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि गाय में 33 करोड़ देवताओं का वास होता है। इसलिए रोज एक रोटी गाय को खिलानी चाहिए। इससे सभी देवता प्रसन्न होते हैं, व्यक्ति की हर मुराद पूरी करते हैं और इससे व्यक्ति के परिवार में खुशियों का वास होने लगता है।

इसलिए हर रोज सुबह-सुबह रोटियां बनाए जाने के दौरान पहली रोटी गाय के लिए अलग से निकाले जाने और खिलाने की परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि ऐसा करने से आपके जीवन में लौकिक और अलौकिक दोनों फलों की प्राप्ति होती है।
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