हनुमानजी के इस कवच में है अपार शक्ति, बोलने मात्र से ही दूर होती हैं सब बाधाएं

कलियुग में हनुमानजी की आराधना तुरंत फल देती है और भक्तों के बड़े से बड़े संकट क्षण में दूर होते हैं। शास्त्रों में इसके लिए हनुमानजी की कुछ विशेष साधनाएं भी बताई गई हैं। हनुमान कवच भी ऐसी ही एक शक्ति है। माना जाता है कि रावण से युद्ध करते समय स्वयं भगवान राम ने हनुमान कवच का पाठ किया था जिसके कारण रावण उन्हं कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका।


ऐसे प्रयोग करते हैं हनुमान कवच
सभी प्रकार के दुख, रोग, शोक आदि को नष्ट करने के कारण इस कवच को शोकनाशं भी कहा जाता है। इस कवच का उपयोग करना भी बड़ा ही सहज है। इसके लिए मंगलवार या शनिवार को शुभ मुहूर्त देख कर प्रयोग करें।

कवच के प्रयोग हेतु स्नान आदि से निवृत्त होकर हनुमानजी की पूजा करें, उन्हें चोला (चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर) तथा जनेऊ चढ़ावें। इसके बार भगवान राम को प्रणाम कर हनुमानजी की पूजा करें तथा सच्चे मन से नीचे लिखे हनुमान कवच के मूलमंत्र का रूद्राक्ष की माला से 108 बार जप करें। जप के बाद हनुमानजी से अपने सभी कष्टों तथा शोक आदि को समाप्त करने की विनती करें। कवच का मूल मंत्र इस प्रकार है-

ॐ श्री हनुमंते नमः

हनुमान कवच से होते हैं ये लाभ
सच्चे मन तथा श्रद्धा से हनुमान कवच का उपयोग करने पर सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां समाप्त होती हैं। किसी अन्य ने आप पर कोई टोना-टोटका किया है या काला जादू किया है या किसी बुरी आत्मा, कृत्या आदि का आव्हान किया है तो वो भी इससे पूरी तरह समाप्त हो जाता है।

बजरंग बली के इन स्वयंसिद्ध मंत्रों से भी होता है चमत्कार
हनुमान कवच के अतिरिक्त भी हनुमानजी के कई स्वयंसिद्ध मंत्र हैं, जिनके उपयोग से आप अपनी समस्याएं हल कर सकते हैं। ये मंत्र निम्न प्रकार हैं-

कर्ज मुक्ति के लिए
ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा

किसी भी प्रकार की मनोकामना पूर्ण करवाने के लिए
महाबलाय वीराय चिरंजीवीन उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये

संकट दूर करने के लिए
ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा

शत्रुओं तथा रोगों पर विजय पाने के लिए
ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा
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