कैसे आते हैं खर्राटे और क्या है उनका उपचार

 खर्राटे एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति के खुद के स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण तो है ही साथ में यह व्यक्ति के आस-पास सोने वाले व्यक्ति के लिए भी परेशानी का सबब बन जाता है। खर्राटे व्यक्ति तब लेता है जब सोते समय उसके मुँह में जिह्वा से जुड़ी मांसपेशियां ढीली होकर हवा के रास्ते को बंद कर देती हैं। ऐसी स्थिति में मांपेशियां वायब्रेट होकर खर्राटे की आवाज़ निकालने लगती हैं। इस वीडियो की मदद से आप इस प्रक्रिया को आसानी से समझ सकते हैं।

उपचार:

    खर्राटे की समस्या से आमतौर पर मोटे लोग ही ग्रसित रहते हैं इसलिए इस समस्या से जूझ रहे लोगों को सबसे पहले अपना मोटापा कम करने पर ध्यान देना चाहिए। मोटापे के कारण गले के आसपास फैट जमा हो जाता है जोकि खर्राटे पैदा करने में सहायक सिद्ध होता है। [पढ़ें मोटापा दूर करें]

    खर्राटे से परेशान लोगों को पीठ के बल नहीं सोना चाहिए क्योंकि इस स्थिति में खर्राटे आने की संभावना बढ़ जाती है।

    किसी भी परिस्थिति में अधिक मोटा तकिया रखकर ना सोएं। खर्राटे के अलावा भी मोटे तकिये के कारण कई रोग होने की संभावना रहती है।

    नशा और नींद की गोलियों का खर्राटों से सीधा संबंध है। नशे के कारण हमारे मस्तिष्क का नियंत्रण मांसपेशियों पे से हट जाता है और खर्राटे आने की संभावना बढ़ जाती है। धूम्रपान भी वायुमार्ग को अवरुद्ध करता है इसलिए खर्राटों से परेशान व्यक्ति को धूम्रपान से तौबा करनी चाहिए। [पढ़ें शराब से दूर रहने के कुछ मज़ेदार फायदे]

    रात को सोने से 2 घण्टे पहले कुछ ना खाएं तथा भरपूर पानी पीकर सोएं। भोजन में नमक का इस्तेमाल कम से कम करें। क्योंकि नमक के कारण शरीर में ऐसी तरल का निर्माण होता है जो वायुमार्ग को अवरुद्ध करता है। [पढ़ें मोटापे को दावत देता नमक]

    प्रतिदिन व्यायाम करें। व्यायाम करने से ना सिर्फ मोटापे से लड़ने में मदद मिलती है बल्कि इससे आपकी मस्तिष्क और बॉडी के बीच का तालमेल भी सुधरता है। जोकि अवचेतनावस्था में मांसपेशियों के सही संचालन के लिए बहुत ज़रूरी है।

    खर्राटे की समस्या जड़ से ख़त्म करना हो तो नित्य 5-5 मिनट उज्जाई एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें। कुछ ही हफ़्तों में यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
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