कैंसर, डाइबिटीज, किडनी, आर्थराइटिस आदि रोगों के लिए रामबाण तेल

कुछ गंभीर बीमारियों के इलाज की खोज विज्ञान के लिए बहुत बड़ी उपलब्ध‍ि है, लेकिन पारंपरिक घरेलुु दवाइयों ने कई गंभीर बीमारियों पर जीत हासिल करने में विज्ञान को भी पीछे छोड़ दिया है। हम बताने जा रहे हैं ऐसी ही एक घरेलुु दवा जो एड्स, कैंसर डाइबिटीज, किडनी की समस्याएं और कई गंभीर बीमारियों से एक साथ निजात दिलाने में सहायक है।

यह अनमोल चमत्कारिक दवा है, ब्लैैक सीड ऑइल, जिसे कलौंजी का तेल कहा जाता है। आसानी से उपलब्ध होने वाली यह दवा बेहद प्रभावी और उपयोगी साबित हो सकती है। कलौंजी तेल में मौजूद दो बेहद प्रभावकारी तत्व थाइमोक्विनोन और थाइमोहाइड्रोक्विनोन इसके विशेष Healing प्रभाव के लिए जिम्मेदार हैं। ये दोनों तत्व मिलकर इन सभी बीमारियों से लड़ने और शरीर को हील करने में मदद करते हैं।

इतना ही नहीं, कार्डियोवेस्कुलर डि‍सीज एवं अस्थमा, ब्लड कैंसर, फेफड़ों की समस्या, लिवर, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट कैंसर, सर्विक्स और त्वचा रोगों में भी कारगर है। यह कोई नई दवा नहीं है, बल्कि इन गंभीर बीमारियों के लिए इसकी खोज हजारों वर्षों पूर्व हो चुकी थी। जिसके बाद इस दवा पर विज्ञान के अब तक कई शोध हो चुके हैं, जो विभिन्न बीमारियों के लिए ब्लैैक सीड ऑइल को बेहतरीन घरेलू दवा साबित करते हैं।

हो चुकें हैं अनेकों शोध
2012 में इजिप्ट में हुए एक शोध के अनुसार शहद और कलौंजी ब्लैैक सीड ऑइल में ट्यूमर रोधी तत्व मौजूद हैं, जो कैंसर कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्ध‍ि को रोकने में सक्षम है। वहीं 2013 में मलेशिया में हुए रिसर्च के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर के लिए थाइमोक्विनोन का प्रयोग एक दीर्घकालिक इलाज के रूप में किया गया।

इसमें मौजूद थाइमोक्विनोन एक बायोएक्टिव कंपाउंड है जो एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी कैंसर कारक है। इसमें वे चुनिंदा साइटोटॉक्स‍िक प्रॉपर्टी मौजूद है जो कैंसर को‍शिकाओं के लिए घातक है, जबकि सामान्य कोशिकाओं को कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालती।

तो अब आपको इन बीमारियों के लिए महंगी दवाओं पर खर्च करने की जरुरत नहीं होगी, इस एक घरेलुु द्वारा आप कई बीमारियों को हल कर सकते हैं।

सेवन विधि
हर रोज़ दो ग्राम की मात्रा में इस तेल को किसी भी रूप में कच्चा ही इस्तेमाल करे। आप चाहे तो सलाद सब्जी के ऊपर डाल के अथवा दूध में डाल कर या किसीभी अन्य विधि से बिना पकाये (गरम किये बिना ) इस्तेमाल कर सकते है।

सेवन की अन्य विधि
एक गिलास गर्म पानी लेकर इसमें आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाये और एक चम्मच शहद मिला कर सुबह नाश्ते से पहले लेवें। (मधुमेह के मरीज शहद का अधिक सेवन ना करें।)

सावधानी
कलौंजी के तेल की तासीर गरम होने की वजह से गरम प्रकृति वाले लोगों को थोड़ा सा कोई साइड इफ़ेक्ट लगे तो अपने चिकित्सक से परामर्श करके शुरू करें।
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