शिवलिंग पर गलती से भी न चढ़ाएं ये चीजें, भोले हो जाएंगे नाराज...

देवों के देव शिवशंकर भोलेनाथ अपने भक्तों के मन की बात बहुत जल्दी सुनते हैं. मन से पूजन करो तो शि‍व बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं. इसलिए भक्तों में सबसे प्रिय भी हैं.

पर शिवशंकर की पूजा करने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. खासतौर से अगर आप शिवलिंग की पूजा कर रहे हैं तो कुछ चीजों को भूलकर भी शिवलिंग पर न चढ़ाएं. जानिये कौन सी हैं वो चीजें...

1. शंक से न चढ़ाएं जल: भगवान श‌िव ने शंखचूड़ नाम के असुर का वध क‌िया था. शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है, जो भगवान व‌िष्‍णु का भक्त था. इसल‌िए व‌िष्णु भगवान की पूजा शंख से होती है, श‌िव की नहीं.

2. न चढ़ाएं तुलसी का पत्ता: तुलसी को भगवान व‌िष्‍णु ने पत्नी रूप में स्वीकार क‌िया है. इसल‌िए तुलसी से श‌िव जी की पूजा नहीं होती.

3. त‌िल या तिल से बनी कोई वस्तु न चढ़ाएं: यह भगवान व‌िष्‍णु के मैल से उत्पन्न हुआ मान जाता है, इसल‌िए इसे भगवान श‌िव को नहीं अर्प‌ित क‌िया जाना चाह‌िए.

4. कभी न चढ़ाएं टूटे हुए चावल: भगवान श‌िव को अक्षत यानी साबूत चावल अर्प‌ित क‌िए जाने के बारे में शास्‍त्रों में ल‌िखा है. टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है, इसल‌िए यह श‌िव जी को नहीं चढ़ता.

5. शि‍व को नहीं भाता कुमकुम: कुमकुम सौभाग्य का प्रतीक है, जबक‌ि भगवान श‌िव वैरागी हैं, इसल‌िए श‌िव जी को कुमकुम नहीं चढ़ता.

6. हल्दी और नारियल का पानी: हल्दी का संबंध भगवान व‌िष्‍णु और सौभाग्य से है, इसल‌िए यह भगवान श‌िव को नहीं चढ़ता है और नारियल को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, इसलिए शिव जी को अर्पित नहीं की जाती.
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