अंडे के सफेद हिस्‍से के सेवन से होते हैं ये 4 दुष्प्रभाव

अंडे का सेवन सेहत के लिए स्वास्थ्यकारी माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि इसकी सफेदी आपके शरीर को नुकसान भी पंहुचा सकती है। अंडे की सफेदी का सेवन सेहत पर कई तरह के दुष्प्रभाव डालता है। आपको मालूम होगा कि अंडे की सफेदी मे कोलेस्ट्रॉल नहीं होता। ये फैट फ्री और लो कैलोरी वाला होता है लेकिन फिर भी सेहत के लिए हानिकारक है। इसके सेवन से शरीर में कई अन्य तरह की एलर्जी और समस्याएं हो जाती है। 

साल्मोनेला का अधिक खतरा
कच्चे अंडे में एल्बुमिन बैक्टीरिया होते हैं, जो इसे दूषित करते हैं। साल्मोनेला एक बैक्टीरिया है जो कि मुर्गियों की आंतों में पाया जाता है। यह अंडे के बाहरी आवरण और उसके अंदर भी पाये जाते हैं। साल्मोनेला को खत्म करने के लिए इन्हें ज्यादा देर तक और ज्यादा तापमान पर पकायें। अंडे के ऊपरी हिस्से और कम उबले हुये अंडों में भी बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं।

बायोटीन की कमी होना
नियमित रूप से अंडे का सफ़ेद हिस्सा खाने से बायोटीन की कमी होती है। बायोटीन को विटामिन एच और विटामिन बी7 के रूप में भी जाना जाता है। इसकी कमी से बच्चों में क्रेडल टॉप और बड़ों में सेबोरीक जैसी त्वचा की समस्याएं पैदा होती हैं। बियोटीन की कमी से त्वचा का रंग खराब होना, शरीर में तालमेल की कमी, मांसपेशियों में जकडऩ और दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा होती है। कच्चे एल्बुमिन में एविडिन होता है जो कि प्रोटीन है। चूंकि यह शरीर से ही बायोटीन लेता है अत: यह जहरीला पदार्थ नहीं है। लेकिन जब हम नियमित रूप से अंडे का सफ़ेद भाग खाते है तो यह शरीर से बायोटीन लेता रहता है और शरीर में इसकी कमी हो जाती है।
बहुत से मामलों में जिन लोगों को अंडे के सफ़ेद हिस्से से एलर्जी होती है उन्हें एल्बुमिन प्रोटीन से भी एलर्जी होती है। पित्ती, दाने निकलना, त्वचा की सूजन, नजला, दस्त, उल्टी, सांस की घरघराहट, खांसी, छींक, ऐंठन, आदि इस तरह की एलर्जी के कुछ सामान्य लक्षण हैं। इससे कुछ सप्ताह में स्वास्थ्य से संबन्धित समस्याएं पैदा होती हैं और अगर समाधान नहीं कराया जाये तो यह बड़ी बीमारी का रूप ले सकती हैं।

प्रोटीन की ज्यादा मात्रा
डॉक्टर्स के अनुसार यदि आपको किडनी की समस्या है तो प्रोटीन आपके लिए नुकसानकारी है। जिन लोगों का ग्लोमरगुलर फिल्टरेशन रेट (फ़्लो रेट जो किडनी फिल्टर कर पाती है) कम है उन्हें खास तौर पर अंडे के प्रोटीन से खतरा है। जिन लोगों को गुर्दे से संबन्धित समस्या है उन्हें 0.6 से 0.8 ग्राम प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है। फिर भी डॉक्टर्स कहते हैं कि चाहे कम ग्लोमरगुलर फिल्टरेशन रेट वाला व्यक्ति हो या सामान्य व्यक्ति हो, प्रोटीन की 60 प्रतिशत मात्रा अंडे से ही आती है।
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