कैंसर रोगी और उनके परिजन ध्यान दें .......


ये है फार्मूला : 50 ग्राम अलसी + 5 चम्मच अलसी का तेल + 5 चम्मच दही के मिश्रण को साथ में लें इसमें ध्यान यह रखना है की दही को पानी से थोड़ा साफ़ करना है ताकि खटास कम हो जाए.....

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हालांकि खबर में 50 ग्राम अलसी खाने को लिखा है लेकिन जिनको पहले से अलसी खाने का अनुभव न हो वो 20 ग्राम से शुरुआत कर सकते हैं, अलसी को ताजा ही केवल जरुरत भर का पीसना चाहिए. दही बिलकुल ताजा और बिना फ्रीज किया हुआ लेना चाहिए.. गाय के दूध से बना दही हो हो तो ज्यादा अच्छा है दही कुछ पुराना होने से खट्टा हो गया हो तो उसमे साफ़ पानी मिला दें लेकिन दही को मथे नहीं और छन्नी या कपडे में बाँध कर लटका दें खटास कम हो जाएगी. अलसी का जो तेल लेना है वो अच्छी गुणवत्ता का हो .. जब इस प्रयोग को करें तो दूध व दूध से बनी और बाकी चीजे न लें ..

कैंसर की बीमारी पूरी मानवता के लिए बहुत बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई है. मॉडर्न मेडिकल साइंस में तो खैर प्रयास किये ही जा रहे है लेकिन चिकित्सा की मुख्य धारा से अलग भी तरह तरह के नुस्खे आदि सामने आते रहते है जो लोगो के अपने अनुभव पर आधारित होते है. इनका कोई क्लिनिकल रिकॉर्ड नहीं होता है. आवश्यक नहीं की सबको एक जैसा ही लाभ मिले लेकिन मरता क्या न करता वाली हालत आ ही जाए तो इन्हें भी अपना कर देख लेना चाहिए. अपने चिकित्सक के संपर्क में जरुर रहें.
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